सनातन धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। साथ ही इसे पूजनीय और पवित्र माना जाता है। भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी के पत्तों के बिना प्रसाद नहीं चढ़ाया जाता क्योंकि तुलसी का पौधा मां लक्ष्मी का प्रतीक है। वहीं जब भी भगवान को भोग लगता है तो तुलसी दल भोग के साथ रखा जाता है। जानकारों की मानें तो तुलसी सेहत के लिए बड़ा वरदान है वहीं तुलसी के कई फायदे होते हैं, सर्दी, जुकाम, खांसी में तुलसी का काढ़ा बहुत फायदेमंद होता है। कैंसर के मरीजों के लिए भी तुलसी लाभकारी है। तुलसी के पत्ते सांस की बदबू के छुटकारा दिलाते हैं। वहीं आपको बता दें कि हर साल तुलसी दिवस 25 दिसंबर को मनाया जाता है। यहां हम आपको तुलसी के पौधे का वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व बताने जा रहे हैं…

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कौन हैं तुलसी? 

पौराणिक कथाओं के अनुसार, तुलसी का पूर्व जन्म वृंदा नाम की एक लड़की के रूप में हुआ था, जो राक्षस कुल में जन्मी थी, लेकिन भगवान विष्णु की परम भक्त थी। वहीं  शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री राम ने गोमती तट पर और वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण ने तुलसी लगायी थी। वहीं अशोक वाटिका में सीता जी ने रामजी की प्राप्ति के लिए तुलसी जी का मानस पूजन ध्यान किया था। 

तुलसी के पौधे का धार्मिक महत्व

भगवान विष्णु के भोग में तुलसी दल जरूरी रूप से शामिल किए जाते हैं। साथ ही तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना गया है। ऐसे में जो साधक प्रतिदिन तुलसी में जल चढ़ाता है (रविवार और एकादशी तिथि को छोड़कर) उसके घर में मां लक्ष्मी का वास बना रहता है। साथ ही सुख- समृद्धि बनी रहती है। वहीं घर के लोगों में प्रेम बना रहता है। वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि तुलसी को घर की सही दिशा में रखा जाए तो यह व्यक्ति के धन-समृद्धि में वृद्धि करती है। ऐसे में तुलसी के पौधे को रखने के लिए घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। वास्तु में तुलसी का पौधा रखने की यही दिशा दी गई है।

तुलसी के पौधे का वैज्ञानिक महत्व

विज्ञान के अनुसार तुलसी के पत्तों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता पायी जाती है। साथ ही रोजाना तुलसी के सेवन से सर्दी-जुकाम, फ्लू जैसी परेशानियां नहीं होतीं है। वहीं जिन घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है। वहीं यदि आप तुलसी को तांबे के बर्तन में पानी भरकर उसमें तुलसी डालकर रखते हैं, तो इससे पानी शुद्ध हो जाता है और इसे पीने से कई तरह के शारीरिक लाभ मिलते हैं। साथ ही तुलसी के पत्तों में कीटाणुओं को खत्म करने की क्षमता भी पाई जाती है।

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