Rahu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया ग्रह माना जाता है। इसे शनि की छाया भी कहा गया है। छाया ग्रह होने के बावजूद इसे नवग्रह में सबसे अधिक पावरफुल माना जाता है। राहु कलयुग के राजा है। इसलिए ये जो चाहते हैं वैसा होता है। राहु एक ऐसा ग्रह है जो असीम ऊर्जा का कारक है और इसमें किसी भी प्रकार की लिमिट नहीं है। इसी के कारण जब राहु देने में आते हैं, तो रंक को राजा बना देते हैं। राहु अचानक से एक्टिवेट होकर व्यक्ति को बुलंदियों पर पहुंचा देता है। बता दें कि इस समय राहु कुंभ राशि में विराजमान है और वह युवावस्था में प्रवेश कर चुके हैं। इस अवस्था में वह पूरे 3 माह यानी 15 अप्रैल 2026 तक रहने वाले हैं। ऐसे में कई राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक, तो कई राशि के जातकों के जीवन में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलने वाला है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं राहु के प्रचंड होने से किन तीन राशि के लिए भाग्यशाली हो सकता है…
राहु को कलयुग में अचानक मिलने वाली सफलता, इंटरनेट, राजनीति और विदेशी संपर्कों का कारक माना जाता है। इन तीन राशियों (मिथुन, कन्या, कुंभ) को इस दौरान डीजिटल बिजनेस और विदेशी ट्रेंड में बड़ा जंप मिल सकता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, किसी भी ग्रह का अंश बल जब 12 डिग्री से 18 डिग्री के बीच होता है तो वह ग्रह युवा अवस्था में होता है और अपना पूरा फल देने में सक्षम होता है। बता दें कि 30 दिसंबर 2025 को राहु का अंश बल 18 डिग्री था। राहु वक्री चलते हैं, इसलिए उनका 18 डिग्री से 12 डिग्री की ओर आना ‘अंश बल’ को बढ़ाता है। ऐसे में राहु 18 से आरंभ करके 17, 17 से 16, 16 से 15 और इस तरह 12 डिग्री तक। 15 अप्रैल 2026 वह तिथि होगी जब राहु का अंश बल 12 डिग्री होगा। यह समय 15 अप्रैल तक का है, जो निवेश और बड़े रिस्क लेने के लिए ज्योतिषीय रूप से सक्रिय समय है।
मिथुन राशि: भाग्य का मिलेगा पूरा साथ (Gemini Zodiac)
मिथुन राशि के जातकों की बात करें, तो आपकी कुंडली के नौवें भाव में राहु विराजमान है। इसके साथ ही राहु की दृष्टि आपके लग्न, तीसरे भाव और पंचम भाव पर पड़ेगी। राहु का भाग्य पर पूरा कंट्रोल हो सकता है। ऐसे में इस राशि के जातकों को किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। अध्यात्म की ओर झुकाव हो सकता है। पिता का पूरा साथ मिल सकता है और लंबी दूरी की यात्राएं कर सकते हैं। राहु के कारण आपको काफी यात्राएं करनी पड़ सकती है। ये नौकरी, बिजनेस से लेकर परिवार या दोस्तों के साथ विदेश यात्रा कर सकते हैं। धार्मिक यात्राएं भी कर सकते हैं।
लग्न पर राहु की दृष्टि, गुरु और बुध के साथ सकारात्मक संबंध बनाएगी। ऐसे में आपकी बौद्धिक क्षमता से लेकर नइर्णय क्षमता में बढ़ोतरी देखने को मिलने वाली है। आपको राहु चतुर बना सकते हैं। ऐसे में पैसों से संबंधित समस्याओं से लेकर स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति लेकर परिवारिक विवादों से निजात मिल सकती है।
राहु की दृष्टि तीसरे भाव पर भी पड़ रही है। ऐसे में आपकी कम्युनिकेशन पावर बढ़ेगी। जिसके कारण आपकी वाणी और विचारों में काफी अधिक बदलाव दिखेगा और आपको सफलता हासिल हो सकती है। पंचम भाव पर राहु और गुरु की दृष्टि रहेगी, जिससे संतान, पिता और स्वयं की भाग्योन्नति होगी। विवाह के भी योग बन रहे हैं।
उपाय
- ओवरथिकिंग से बचें।
- घर की छत, बाथरूम आदि को साफ रखें।
- शनिवार की शाम को “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जाप करें।
कन्या राशि: चुनौतियों का होगा अंत, बनेंगे ‘शत्रुहंता'(Virgo Zodiac)
राहु महाराज का गोचर आपकी गोचर कुंडली के छठे भाव में हुआ है। इसके साथ ही राहु की दृष्टि दशम भाव, द्वादश भाव और धन भाव पर पड़ रही है। माना जाता है अगर छठे भाव में राहु का गोचर होता है, तो इसे शत्रुहंता कहा जाता है। ऐसे में इस राशि के जातकों के जीवन में चली आ रही परेशानियां, चुनौतियां दूर हो सकती है।
कन्या राशि के जातकों के लिए राहु का आगामी तीन महीने का गोचर जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आने वाला है। जो जातक लंबे समय से विदेश जाने, वर्क परमिट या वर्क वीजा के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली थी, उनके लिए यह समय अत्यंत शुभ सिद्ध होगा। छठे भाव में स्थित राहु की दृष्टि द्वादश भाव पर पड़ने से विदेश संबंधी अटकी हुई प्रक्रियाएं तेज होंगी और लंबे समय से चली आ रही रुकावटें समाप्त होंगी।
2025 में बढ़े हुए फालतू खर्चों और आर्थिक दबाव का प्रमुख कारण मंगल का प्रतिकूल प्रभाव रहा है, लेकिन राहु का यह गोचर खर्चों पर नियंत्रण और आर्थिक संतुलन स्थापित करेगा। जिन लोगों का हाउस लोन, वाहन लोन या बिजनेस फाइनेंस अटका हुआ था, उनके लिए राहु और गुरु की संयुक्त दृष्टि से समाधान के प्रबल योग बनेंगे तथा पुराने कर्ज चुकाने में भी सहायता प्राप्त होगी।
दशम भाव पर राहु की दृष्टि और गुरु का गोचर करियर में बड़े बदलाव का संकेत देता है। नौकरी परिवर्तन, नई नौकरी, नए व्यापार की शुरुआत या बिजनेस विस्तार के अवसर बनेंगे। साथ ही धन भाव पर राहु की दृष्टि से अचानक धन लाभ, प्रॉपर्टी से फायदा और वित्तीय स्थिरता मिलने की प्रबल संभावना रहेगी। राहु महत्वाकांक्षाओं को बढ़ाएंगे, नए इनोवेटिव विचार देंगे और जोखिम लेने की क्षमता विकसित करेंगे, जिससे भविष्य में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त होगी।
उपाय
शनिवार को सफाई कर्मचारी को दान दें।
शनिवार की शाम को “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जाप करें। चंदन की खुशबू वाली अगरबत्ती जलाकर मंत्र जाप करें।
कुंभ राशि: व्यक्तित्व में निखार और ‘अथॉरिटी’ की प्राप्ति (Aquarius Zodiac)
कुंभ राशि के जातकों के लिए राहु का लग्न भाव में गोचर और 15 अप्रैल तक उसकी युवा अवस्था जीवन में बड़े बदलाव का संकेत देती है। 2 जून तक पंचम भाव में स्थित देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि राहु पर होने से यह गोचर विशेष रूप से शुभ फल लाएगा। यह समय व्यक्तित्व, सोच, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। शनि की साढ़ेसाती के अंतिम चरण के कारण पिछले वर्षों में जो स्वास्थ्य, पारिवारिक और आर्थिक परेशानियां आई थीं, उनसे अब धीरे-धीरे मुक्ति मिलने लगेगी।
राहु का प्रभाव जातकों को भावनात्मक मोह से मुक्त कर स्वयं पर फोकस करना सिखाएगा। मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से मजबूती मिलेगी। करियर और व्यापार में नई पहचान बनेगी, नौकरी परिवर्तन, बड़े पैकेज या बिजनेस विस्तार के अवसर उत्पन्न होंगे। विवाह, पार्टनरशिप और विदेश संबंधी कार्यों में प्रगति होगी। पंचम भाव में गुरु-राहु का प्रभाव शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और इनोवेटिव क्षेत्रों में सफलता दिलाएगा।
उपाय
- राहु के सकारात्मक प्रभाव के लिए धार्मिक यात्राएं करें और गंगा स्नान करें। इससे आपको लाभ मिलेगा।
- घर की छत, सीढ़ियां और बाथरूम साफ रखें।
- शनिवार को 108 बार “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जाप करें।
