वैदिक ज्योतिष में जैसे व्यक्ति की जन्मकुंडली में स्थित ग्रहों को देखकर उसके भविष्य और व्यक्तित्व के बारे में बताया जाता है। ऐसे ही हस्तरेखा शास्त्र में व्यक्ति के हाथ में स्थित रेखाओं और चिह्नों से उसके भविष्य और आर्थिक स्थिति के बारे में जाना जाता है।

आपको बता दें कि हाथ में कई तरह की रेखाएं होती हैं। जिसमें धन रेखा, विवाह रेखा, जीवन रेखा और ह्रदय रेखा, शनि रेखा होतीं हैं। इसमें शनि रेखा बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस रेखा को भाग्य रेखा भी कहा जाता है। कहते हैं कि जो लोग किस्मत के धनी होते हैं उन लोगों के हाथ में शनि रेखा ऐसी रेखा होती है। जानिए ये रेखा कहां से होती है शुरू और क्या है इसका महत्व…

इस जगह होती है शनि रेखा:
हस्तरेखा अनुसार ये रेखा मणिबंध या हाथ के मध्य भाग से शुरू होती है और शनि पर्वत तक जाती है। आपको बता दें हथेली की मध्यमा उंगली के नीचे वाला स्थान शनि पर्वत कहलाता है।

अपनी किस्मत खुद लिखते हैं:
हस्तरेखा शास्त्र अनुसार यदि किसी व्यक्ति के हाथ में कलाई के ऊपरी भाग से शनि या भाग्य रेखा निकलकर सीधे बिना कटे शनि पर्वत पर पहुंच जाए तो यह बहुत शुभ मानी जाती है। ऐसे लोग कम उम्र में ही धनवान बन जाते हैं। साथ ही ये लोग मेहनती और कर्मठ भी होते हैं और मेहनत के दम पर चीजों को हासिल करते हैं। ये लोग अपनी किस्मत खुद लिखते हैं।

लग्जरी लाइफ जीना करते हैं पसंद:
वहीं शनि रेखा हाथ में अन्य स्थानों से भी निकलती है। अगर गुरु पर्वत से कोई रेखा निकलकर शनि पर्वत पर पहुंच जाए तो ऐसा व्यक्ति स्पष्टवादी होता है। साथ ही लोग मनी माइंडेड होते हैं। इन लोगों को लग्जरी लाइफ जीने का शौक होता है। ये समाज में अपनी अलग पहचान बनाते हैं। ये लोग कुछ जिद्दी स्वभाव के होते हैं। ये जिस करियर में हाथ डालते हैं उसमें सफलता पाकर ही दम लेते हैं।

बनते हैं बड़े कारोबारी:
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार अगर कोई रेखा जीवन रेखा से निकलकर शनि पर्वत तक पहुंच जाती है तो तो ये अच्छा फल प्रदान करती है। कहते हैं कि ऐसी रेखा वाले जातक हर कार्य में अपनी मेहनत से सफलता पा लेते हैं। लेकिन ये रेखा कटी फटी नहीं होनी चाहिए। ये लोग स्वादिष्ट भोजन करने के शौकीन  होते हैं। साथ ही ये लोग बिजनेस करने में भी माहिर होते हैं और ये लोग व्यापार में जोखिम उठाने से भी नहीं घबराते हैं।