Delhi Election Result: दिल्ली विधानसभा चुनाव के रूझान सामने आने शुरू हो गये हैं। जिसमें अब तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी अपनी बढ़त बनाती हुई नजर आ रही है। इस बीच नेताओं के मंदिर में जाने का सिलसिला लगा हुआ है। बीजपी नेता विजय गोयल दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने बजरंगबली की पूजा कर उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी की सरकार बनेगी। तो वहीं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी अपने घर पर पूजा अर्चना की।
आपतो बता दें इस बार दिल्ली चुनावों में भगवान हनुमान को लेकर खूब राजनीति हुई। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने आपको हनुमान भक्त बताया और हनुमान चालीसा पढ़ी। तो वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने उन्हें नकली भक्त बताया। आज दिल्ली विधानसभा के नतीजे आने वाले हैं और कई नेता हनुमान मंदिरों में जाकर विशेष पूजा अर्चना कर रहे हैं। ऐसे में जानिए दिल्ली में भगवान हनुमान के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में…
प्राचीन हनुमान मंदिर: दिल्ली के कनॉट प्लेस में ये मंदिर स्थित है। जिसे लेकर ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के परिसर में किसी भवन का निर्माण हो रहा था। उस दौरान यहां पर हनुमान जी की स्वयंभू मूर्ति प्रकट हुई। इस मूर्ति में हनुमान जी दक्षिण दिशा की तरफ देख रहे हैं। राजा जयसिंह ने इस मंदिर का निर्माण कराया था।
संकट मोचन धाम: दिल्ली में ही हनुमान जी का एक और मंदिर काफी प्रसिद्ध है। जहां हनुमानजी की 108 फुट ऊंची मूर्ति मौजूद है। इस मंदिर को 108 फुट संकट मोचन धाम के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण ब्रह्मलीन नागाबाबा श्री सेवागिरी जी महाराज ने कराया था।
श्री राम मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर: इस मंदिर की स्थापना स्वामी तुलसीदास ने की थी। कहा जाता है कि एक बार मुगल शासक औरंगजेब ने महंत तुलसीदासजी को बंदीग्रह में डाल दिया था। तब अचानक से बंदरों के एक झुंड ने मुगल शासक को परेशान करना शुरू कर दिया। औरंगजेब ने परेशान होकर इसका कारण जानना चाहा तब उन्हें एक सैनिक ने बताया कि आपने किसी हनुमान भक्त को जेल में डाला है। मुगल ने अपनी भूल सुधारी और तुरंत तुलसीदास को आजाद किया। महंत मूर्ति लेकर किले से निकले और यमुना तट पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर दी।
हनुमान बालाजी मंदिर: यह मंदिर दिल्ली के विवेक विहार में है। यहां का गर्भगृह एवं शयन कक्ष चांदी का बना हुआ है। यहां पर भगवान हनुमान की मूर्ति 40 किलो चांदी से बनी है। ऐसी मान्यता है कि यहां बालाजी का अभिषेक करने से शिव शंकर के अभिषेक का भी फल प्राप्त होता है। यह एकमात्र ऐसा स्थान है जहां पर श्रीबालाजी का अभिषेक होता है।

