Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के डिस्ट्रिक्ट जज रवि कुमार दिवाकर की तरफ से की गई लव जिहाद पर की गई टिप्पणी के बाद हंगामा मचा हुआ है। इस को लेकर लोग न्यायपालिका के रवैये पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के युवक की पहचान छिपाकर बहुसंख्यक वर्ग की युवती से रेप और धर्म परिवर्तन की कोशिश मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इतना ही नहीं उन्होंने लव जिहाद को लेकर काफी सख्त टिप्पणी भी की है।

जस्टिस दिवाकर ने कहा कि लव जिहाद का मकसद जनसांख्यिकीय युद्ध छेड़ना है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय साजिश के जरिये भारत के खिलाफ कुछ असामाजिक तत्वों की तरफ से कब्जा जमाना है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध धर्मांतरण का एक ही मकसद है कि भारत में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी स्थितियां पैदा की जाएं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवाकर ने कहा कि अवैध धर्मांतरण देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए एक बहुत ही बड़ा खतरा है। जज ने देवरनिया क्षेत्र के जौंदापुर के रहने वाले मोहम्मद आलिम को आनंद बनकर हिंदू छात्रा से रेप और उसका धर्मांतरण कराने की कोशिश में उम्रकैद की सजा सुनाई। उन्होंने कहा कि शादी और नौकरी जैसे लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस मुद्दे को सही टाइम पर नहीं निपटाया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

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सीएम योगी की तारीफ की

यह कोई पहली बार नहीं है जब जस्टिस दिवाकर सुर्खियों में छाए हैं। इसी साल मार्च में भी वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपने एक आदेश में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की थी। सीएम योगी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा था कि वह एक धार्मिक व्यक्ति के आदर्श उदाहण हैं। उन्होंने समर्पण और त्याग के साथ सत्ता की कुर्सी संभाली है। जस्टिस दिवाकर ने यह टिप्पणियां 2010 के बरेली दंगा मामले के सिलसिले में मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना तौकीर रजा खान को तलब करते हुए की थी। हालांकि, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी ये टिप्पणियां हटा दी थीं।

कौन हैं जस्टिस दिवाकर

जस्टिस दिवाकर की बात की जाए तो वह यूपी के रहने वाले हैं और उन्होंने साल 1999 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। इतना ही नहीं साल 2002 में उन्होंने बीकॉम की और 2005 में एलएलबी और साल 2007 में एलएलएम की डिग्री हासिल की। फिर साल 2009 में उन्हें यूपी के आजमगढ़ में मुंसिफ के तौर पर नियुक्त किया गया। साल 2023 में उन्हें बरेली में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज के तौर पर नियुक्त किया गया।