Ghaziabad News: गाजियाबाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इसमें एक पुलिस अधिकारी को झुग्गी बस्ती के लोगों को यह झूठा दावा करके धमकाते हुए दिखाया गया है कि उसके पास बांग्लादेश से आए अवैध अप्रवासियों की पहचान करने वाली मशीन है। पुलिस ने शनिवार को कहा कि किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया था।
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, ट्रांस-हिंडन के डीसीपी पाटिल निमिश दशरथ ने कहा कि क्लिप में दिख रहे स्टेशन हाउस ऑफिसर अजय कुमार शर्मा को चेतावनी जारी की गई है और उनके कथित आचरण की जांच शुरू कर दी गई है। डीसीपी ने कहा, “यह क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करने का अभियान था। हमने डॉक्यूमेंट के वेरिफकेशन के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया था।”
अधिकारियों के अनुसार, 23 दिसंबर को गाजियाबाद जिले के कौशांबी पुलिस स्टेशन के एसएचओ अजय कुमार शर्मा समेत दो पुलिस अधिकारी अभियान के तहत वैशाली के बिहारी मार्केट के पास एक झुग्गी बस्ती में पहुंचे। शर्मा ने कथित तौर पर लोगों को यह कहकर डराया-धमकाया कि उनके पास एक ऐसा डिवाइस है जो उनकी नेशनलिटी का पता लगा सकता है और यह भी बता सकता है कि वे झूठ बोल रहे हैं या नहीं।
हम सभी बिहार के अररिया के हैं- रोशनी
शनिवार को जब इंडियन एक्सप्रेस ने झुग्गी बस्ती का दौरा किया, तो वीडियो में दिख रही 25 साल की रोशनी खातून ने बताया कि पुलिस अधिकारी जांच के लिए कुछ झुग्गियों में भी दाखिल हुए थे। उन्होंने कहा, “इस झुग्गी बस्ती में करीब 25 से 30 लोग रहते हैं। हम सभी मुसलमान हैं और बिहार के अररिया जिले के हैं और यहां काम की तलाश में आए हैं।”
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रोशनी ने यह भी बताया कि जब वह अपने कमरे में थी, तो कुछ अधिकारियों ने उसके दरवाजे पर दस्तक दी और उसका आधार कार्ड मांगा। उसने कहा, “मैं अंदर गई और अपना फोन ले आई जिसमें मेरा आधार कार्ड था। फिर उन्होंने मुझे वह कार्ड एक पुलिसकर्मी को दिखाने को कहा जो सब रिकॉर्ड कर रहा था।”
जब हम बिहारी हैं तो हमें क्यों डरना चाहिए- रोशनी
रोशनी ने कहा, ” वो बोलने की कोई मशीन है उनके पास, जिसे पता चल जाएगा कि हम लोग बांग्लादेश के हैं या नहीं। हम लोग क्यों डरते जब हम लोग बिहारी हैं तो। जब हम बिहारी हैं तो हमें क्यों डरना चाहिए?” इस बीच, शर्मा के अनुसार, वह उन पर एक साइकोलॉजिकल ट्रिक का इस्तेमाल कर रहे थे। शर्मा ने कहा, “पिछले साल हमने इसी झुग्गी बस्ती से बांग्लादेश के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस हिरासत में आरोपियों से पूछताछ के दौरान हम इस चाल का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए मुझे लगा कि यह उन पर भी काम करेगी।”
वीडियो में शर्मा को एक शख्स से यह पूछते हुए सुना जा सकता है, “क्या आप बांग्लादेश से हैं?”, उनके हाथ में एक पहचान पत्र है। इसके बाद उन्हें उस व्यक्ति पर एक डिवाइस टैप करते हुए देखा जा सकता है। जब उस व्यक्ति ने कहा कि वह अररिया से है, तो अधिकारी ने यह कहकर बात को खारिज कर दिया, “बांग्लादेश से।” लेकिन उस व्यक्ति ने फिर से दोहराया कि वह बिहार से है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
