उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हाल में हुए नए खुलासों के बाद विपक्षी कांग्रेस के मामले में सीबीआई से जांच कराने की मांग के बीच राज्य सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अगर पुख्ता सबूत दिए जाएं तो सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है।

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाने वालों में से भी सामने आकर सबूत पेश करने को कहा और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी। कैबिनेट मंत्री ने मामले में राजनीतिक षडयंत्र की ओर भी इशारा किया।

‘ये अपराधियों को फायदा पहुंचा सकता’

उन्होंने कहा कि दोषियों को उम्र कैद की सजा मिलने के बाद मामला अपील के स्तर पर है और इस तरह के ऑडियो-वीडियो खुलासे दोषियों को लाभ पहुंचाने की साजिश का हिस्सा भी हो सकते हैं। कांग्रेस की सीबीआई जांच की मांग के बारे में उनियाल ने कहा,”पुख्ता सबूत देने पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले इस तरह का फैसला सजा काट रहे अपराधियों को फायदा पहुंचा सकता है।”

‘सरकार की संवेदनशीलता से दोषियों को उम्रकैद’

वर्ष 2022 में हुए हत्याकांड पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटी के साथ हुई इस जघन्य घटना को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए धामी सरकार ने तुरंत महिला पुलिस उप महानिरीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जिसकी प्रभावी जांच और कोर्ट में सरकार की मजबूत पैरवी के कारण अपराधियों को उम्रकैद की सजा मिली।

‘सुप्रीम कोर्ट ने भी एसआईटी की जांच को सही माना’

एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि मामले की विवेचना के दौरान जब एक पक्ष सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए कोर्ट पहुंचा था तो सुनवाई कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी एसआईटी की जांच को सही मानते हुए किसी अन्य जांच से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा, “तीनों कोर्ट ने माना कि किसी भी वीआईपी को बचाने की कोई कोशिश नहीं की गई है और विवेचना में कोई वीआईपी भी नहीं पाया गया।”

मंत्री ने इस बारे में राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो में की गयी बयानबाजी अपराधियों की बेल का रास्ता भी खोल सकती है।

‘व्यक्तिगत क्षति पंहुचाने का आशय’

उन्होंने कहा कि वीडियो-ऑडियो की रिकार्डिंग में तारीख भी स्पष्ट नहीं है और रिकार्डिंग में बिना किसी सबूत के एक-दो लोगों का नाम बार-बार लिया जाना उन्हें व्यक्तिगत क्षति पंहुचाने का आशय भी मालूम होता है।

उर्मिला सनावर ने किया था खुलासा

बता दें कि हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली महिला उर्मिला सनावर ने हाल में अपने वीडियो और राठौर से अपनी कथित बातचीत के ऑडियो जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में ‘वीआईपी’ कथित रूप से गटटू है। एक अन्य वीडियो में महिला ने गटटू की पहचान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के पार्टी प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम के रूप में की। इस दावे के बाद उत्तराखंड भूचाल-सा आ गया है। लोग जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं दोषी को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

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