कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अगवा और गैंगरेप मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी (यूट्यूबर पत्रकार) को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरा आरोपी दरोगा अभी भी फरार है, उसकी तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुईं हैं।

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद आरोपी यूट्यूबर रो रहा है और उसने खुद को निर्दोष बताया है।

आरोपी खुद को बता रहा निर्दोष

आरोपी यूट्यूबर ने पुलिस से कहा, “साहब मैंने दुष्कर्म नहीं किया है, उस लड़की को न कभी देखा, न कभी उससे बात हुई। आप मेडिकल करा लो। मैं निर्दोष हूं। अगर मैं दोषी मिलता तो मुझे जेल भेज दीजिएगा, मुझे साजिशन फंसाया जा रहा है।”

आगे कहा, “सोमवार रात दरोगा अमित का कॉल आया और उसने कॉल कहा आरपीएफ में नए इंस्पेक्टर आए हैं लोहा चोरी हुआ है, मिलना चाहते हैं। अपने साथी पत्रकारों से बात कर पता करो। हम बाइक से वहां पहुंचे, जहां आरपीएफ इंस्पेक्टर मिले, साथ में अमित दरोगा थे। इसी बीच दो लड़के अपनी ढूंढते हुए आए और मुझे भी देख लिया। क्रॉसिंग के पास फिंगर का ठेला लगाने वाले लड़के से लड़की का अफेयर चल रहा है, उससे पता करवा लीजिए। वह लड़की से मिलता रहता है।”

दरोगा और पत्रकार के खिलाफ दर्ज हुई है एफआईआर

बता दें कि सचेंडी थाने में मंगलवार को 14 साल की नाबालिग लड़की ने बिठूर में तैनात दरोगा अमित मौर्या और कथित पत्रकार शिवबरन पर गैंगरेप की एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर डीसीपी वेस्ट को हटा दिया है।

10 बजे रात निकली थी घर

सचेंडी थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग ने शिकायत में कहा कि वो सोमवार रात करीब 10 बजे घर से निकली थी, इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार दो लड़कों ने मुझे जबरन अंदर खींच लिया, जिनमें से एक पुलिस वाला था। आरोपी सचेंडी के रेलवे ट्रैक के पास ले गए और गाड़ी में ही गैंगरेप किया। वारदात के बाद आरोपी उसे देर रात घर के पास छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और मेडिकल के बाद भी उसे देर रात करीबन 3 बजे घर भेजा था।

सचेंडी थाना प्रभारी भी निलंबित

आरोप है कि दरोगा और शिवबरन ने करीब दो घंटे तक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शुरुआती जांच में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि थाना प्रभारी विक्रम सिंह पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज नहीं किया और न ही मामले को गंभीरता से लिया। मामले में दरोगा अमित मौर्या को भी निलंबित कर दिया गया है और उसे ढूंढने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।

वहीं भाई ने भी कहा कि पुलिस उसे और उसकी बहन को भीमसेन चौकी पर ले गई। जब पुलिस को पता चला कि आरोप में एक पुलिसकर्मी भी है तो उसे और उसकी बहन को चौकी से भगा दिया गया। फिर जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचे तो आरोपियों के नाम हटवा कर अज्ञात लिखवा दिए और रिपोर्ट दर्ज कर ली।

कानपुर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियों जब्त कर ली है। साथ ही फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।

यह भी पढ़ें: ‘वॉशरूम की ओर भागा, निगल लिए A और B फॉर्म…’, पुणे में चुनाव प्रचार के दौरान सामने आया हैरान करने वाला मामला