गाजियाबाद के शास्त्री नगर में रहने वाले 65 साल के आयुर्वेदिक डॉक्टर ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। इसकी वजह उनका यह समझना था कि उन्हें हुई बीमारी का कोई इलाज नहीं है। पुलिस के अनुसार 65 साल के राम कुमार सिंह सिसोदिया हापुड़-पिल्खुवा रोड पर एक नर्सिंग होम चलाते थे। उन्होंने अपने घर के लीविंग रूम में लगे पंखे से लटककर खुदखुशी कर ली। घटना के वक्त उनकी पत्नी घर से बाहर थी। शुक्रवार सुबह मेरठ में अपनी छोटी बेटी के ससुराल से जब डॉक्टर की पत्नी गीता घर वापस लौटीं तो उन्हें पंखे से लटकता हुआ पाया। सिसोदिया मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखकर गए हैं। जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनकी पत्नी, तीनों बेटियां और उनके ससुराल वाले उनका बहुत ख्याल रखते हैं। लेकिन मैं खुद को इसीलिए खत्म कर रहा हूं क्योंकि मेरी बीमारी का कोई ईलाज नहीं है।
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सिसोदिया के परिवार ने बताया कि उन्हे सांस से संबंधित बीमारी थी। लेकिन ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया। पुलिस ने बताया कि परिवार का दावा है कि उन्हें डायबिटिज भी थी। राम कुमार के पास BAMS (Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery) की डिग्री थी। वो सिसोदिया नर्सिंग होम के नाम से हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट चलाते थे। केवल सिसोदिया और उनकी पत्नी गीता शास्त्री नगर में रहते थे।
गीता अपनी छोटी बेटी के ससुराल मेरठ से निकलकर शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे अपने घर पहुंची थी। कई बार घर का दरवाजा खटखटाने और घंटी बजाने के बाद भी जब राम कुमार ने दरवाजा नहीं खोला तो गीता ने अपने पति के साथ गाजियाबाद में रह रही बेटी को फोन किया। उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो डॉक्टर को पंखे से लटकता हुआ पाया। शास्त्री नगर पुलिस के पोस्ट इंचार्ज अशोक पुंडीर ने बताया कि हमें रिश्तेदारों ने सुबह के 11 बजे घटना की जानकारी दी। वो अपनी सेहत को लेकर काफी तनाव में थे और उन्हें लगता था कि उनकी बीमारी ठीक नहीं हो सकती है।

