पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) द्वारा फिर से किसी भारतीय जवान के शव के साथ बर्बरता किए जाने पर पांच साल पहले शहीद हुए लांस नायक हेमराज का परिवार गुस्से में है। जनवरी 2013 में भी पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम के सदस्यों ने हेमराज के शव के साथ बर्बरता की थी और उसका सिर काट लिया था। बता दें कि मंगलवार (18 सितंबर) को फिर से पाकिस्तान ने कायराना और बर्बर हरकत करते हुए बीएसएफ के हेड कॉन्स्टेबल नरेंदर सिंह के शव के साथ बर्बरता की। इस बर्बरता के बाद शहीज हेमराज के भाई जयवीर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयवीर ने कहा कि दो-चार दिन बाद सरकार और सिस्टम के लोग शहीद के परिवार को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब शहादत होती है तब शहीद के परिजनों को सुविधाएं देने के बड़े-बड़े एलान किए जाते हैं मगर असलियत में मिलता कुछ नहीं है।
जयवीर ने कहा के सरकार ने भाई की शहादत पर परिवार को एक पेट्रोल पंप और शहीद स्मारक बनवाने का वादी किया था लेकिन पांच साल से ज्यादा वक्त हो गया, वादा पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप पाने के लिए दिल्ली में केंद्र सरकार के मंत्रियों का चक्कर लगाता रहा लेकिन आजतक कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “नेता लोग दो-चार दिन बाद सब भूल जाते हैं। बाद में कोई नहीं सुनता।” जयवीर ने यह भी कहा कि जब हेमराज शहीद हुए थे तब परिजनों ने सिर लाने की मांग पर अनशन किया था तब कई नेता हमारे घर (मथुरा) आए थे और एक सिर के बदले 10 सिर लाने की मांग तब की केंद्र सरकार से की थी लेकिन अब वही लोग सरकार में हैं। ये दस सिर क्या लाएंगे, शहीद के परिजनों को वाजिब हक भी नहीं दे रहे।
न्यूज 18 से राजबीर ने कहा, “भले ही सरकार ने हमारे परिवार को उपेक्षित रखा हो लेकिन देश के लिए लड़ाई लड़ने का जज्बा हमारे परिवार में कम नहीं हुआ है। मेरा भतीजा पाकिस्तान से बदला जरूर लेगा। अभी वो सैनिक स्कूल में पढ़ रहा है।” उन्होंने एक-दो दिन में शहीद बीएसएफ जवान नरेंदर के सोनीपत स्थित घर जाने की बात भी कही ताकि वहां पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दे सकें और उनका ढाढ़स बंधा सके। बता दें कि मंगलवार (18 सितंबर) को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सरकंडा काट रहे बीएसएफ जवानों पर पाक ने फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में घायल जवान नरेंदर को पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) उठा ले गई थी और अगवा कर बर्बर तरीके से गोली मार दी थी। उनका गला रेता, टांग काटी फिर आंख निकाल दी और अंत में सीने पर तीन गोलियां दाग दी।
जयवीर की ही तरह नरेंदर के परिजनों और गांववालों में भी रोष है। शहीद जवान के बेटे मोहित ने अपने पिता की शहादत पर गर्व तो जताया है मगर सरकार से पूछा है कि यह बताया जाय कि उनके पिता कैसे शहीद हुए? मोहित ने पाकिस्तानी हमले के संबंध में बीएसएफ अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का भी विवरण मांगा है। बीएसएफ जवान के शव के साथ बर्बरता की घटना तब हुई जब एक दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने वहां से 10 किलोमीटर की दूरी पर मकवल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के दो स्मार्ट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। सेना आतंकी घुसपैठ रोकने के लिए पाकिस्तान से सटी इंटरनेशनल बाउंड्री पर बाड़ लगाने का काम कर रही है।
पाकिस्तान की इस कायराना हरकत के खिलाफ बीएसएफ ने पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने अपना सख्त ऐतराज जताया है। बीएसएफ की तरफ से कहा गया है कि नरेंद्र कुमार सिंह और अन्य जवान माजरा पोस्ट के पास सरकंडा काट रहे थे तभी सीमा पार से फायरिंग हुई। उसके जवाब में बीएसएफ जवानों ने भी फायरिंग की लेकिन जब देखा कि नरेंद्र वहां नहीं हैं तो इसके लिए वहां सर्च अभियान चलाया मगर वो नहीं मिले। मंगलवार को देर शाम उनका शव क्षत-विक्षत हालत में बॉर्डर के पास मिला।

