उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य की जनता तक समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का प्रचार करने के लिए गुरुवार (3 नवंबर) को “विकास रथ यात्रा” शुरू की। हालांकि यात्रा शुरू होने के कुछ देर बाद ही सीएम अखिलेश के “रथ” में तकनीकी खराबी आ गई जिसके कारण उन्हें कार की सवारी करनी पड़ी। अखिलेश की यात्रा के लिए एक लग्जरी बस को रथ का रूप दिया गया है। समाजवादी पार्टी की आतंरिक कलह का असर इस रथ यात्रा पर दिखा जब इसके शुरू होने से पहले ही सपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हालांकि रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और पार्टी के प्रदेश प्रमुख शिवपाल यादव भी मौजूद रहे। अखिलेश के साथ ही उनकी पत्नी और सांसद डिंपल यादव भी उपस्थित रहीं।
यात्रा शुरू करने से पहले सीएम अखिलेश ने कहा, “ये सरकार दोबारा लाने का समय है। लोगों ने साजिश की, हम थोड़ा सा डगमगाए हैं। लेकिन मुझे खुशी है कि नौजवानों पे, ऐसे युवा आए हैं जो समाजवादी विचारधारा को आगे लेके जाएंगे।” अखिलेश ने यात्रा की शुरुआत करने से पहले बीजेपी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, “एक तरफ सीमा पर जान पर खेल कर जवान हमे सुरक्षा दे रहे हैं, वहीं जवान आत्महत्या भी कर रहे हैं। तो ये सोचना पड़ेगा कि देश किसके हाथ में है और कहा लेके जा रहे वो लोग। ये देश की राजनीति बदलने का चुनाव है।”
वीडियो: समाजवादी पार्टी की ‘विकास रथ यात्रा’ में एक साथ दिखे अखिलेश, शिवपाल और मुलायम; चुनाव प्रचार अभियान की हुई शुरुआत
अखिलेश यादव कहीं न कहीं जनता को ये संदेश देना चाहते हैं कि प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव में उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से है। अखिलेश ही की तरह उनके चाचा ने भी यात्रा से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, “हमारा लक्ष्य है कि यूपी में बीजेपी की सरकार न बन पाए।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश के “विकास रथ यात्रा” में करीब तीन हजार वाहन शामिल होंगे। 2001-02 से अब तक अखिलेश अब तीन रथयात्राएं निकाल चुके हैं। साल 2012 में विधान सभा चुनाव से पहले भी अखिलेश ने यात्रा निकाली थी। यूपी में अगले साल विधान सभा चुनाव होने वाले हैं।
अखिलेश यादव के इस हाईटेक रथ में भी परिवार के बीच जारी खींचतान की झलक नजर आ रही है। हाइटेक प्रचार वाहन से सपा के प्रदेश अध्यक्ष और चाचा शिवपाल यादव की फोटो गायब है। पिछले कुछ समय से सीएम अखिलेश और शिवपाल के आपसी संबंधों में तनाव है। सीएम अखिलेश शिवपाल को उनके तीन समर्थकों समेत अपने मंत्रिमंडल से भी निकाल दिया था। अखिलेश ने तब कहा था कि अमर सिंह के समर्थकों के लिए उनके मंत्रिमंडल में कोई जगह नहीं है। उसके बाद लखनऊ में पार्टी के विधायकों, सांसदों और अन्य पदाधिकारियों की एक बैठक में अखिलेश और शिवपाल के बीच सार्वजनिक रूप से कहासुनी और धक्कामुक्की हुई थी।
समाजवादी सरकार के इस विकास रथ पर सीएम अखिलेश यादव का साइकिल चलाते हुए एक बड़ा फोटोग्राफ लगा हुआ है। बस के सामने की ओर साइकिल का फोटो है, जो कि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। समाजवादी रथ के पीछे पार्टी सुप्रीमो और पिता मुलायम सिंह यादव की दो फोटो लगी हुई है। जिन तीन और लोगों की ब्लैक एंड वाइट तस्वीर रथ पर दिखाई देती है वह हैं राम मनोहर लोहिया जनेश्वर मिश्र और जयप्रकाश नारायण। इस रथ पर शिवपाल की तस्वीर न होने से अंदाजा लगाया जा रहा है कि चाचा और भतीजे के रिश्तों में आईं तल्खियां अभी दूर नहीं हुई हैं।
गौरतलब है कि सपा में मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय से अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच रिश्तों में तल्खी बढ़ी थी। अखिलेश यादव इस विलय के खिलाफ थे जबकि शिवपाल सिंह यादव ने इस विलय को कराया था। जिससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल सिंह के मंत्रालय छिन लिए थे। जवाब में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर उनकी जगह शिवपाल को यूपी ईकाई का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। तब से लेकर अब तक चाचा-भतीजे के बीच जंग जारी है। मामले ने उस समय और गंभीर मोड़ ले लिया जब अखिलेश ने शिवपाल समेत कई मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।
Lucknow: Akhilesh Yadav's vikas rath develops technical snag, CM continues yatra in his car
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 3, 2016
Ek taraf seema pe jaan pe khel ke jawan hume suraksha de rahe hai, wahi jawan aatmahathya bhi kar rahe hai: UP CM pic.twitter.com/C6UQVn87b8
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 3, 2016
वीडियो में देखें सीएम अखिलेश की “विकास रथ यात्रा” से पहले आपस में कैसे लड़ पड़े सपा कार्यकर्ता-
#WATCH: Clash erupted between SP workers in Lucknow ahead of UP CM Akhilesh Yadav’s “Vikas Rath Yatra” pic.twitter.com/ZTwFgduVP8
— ANI UP (@ANINewsUP) November 3, 2016

