25 सदस्यी जिला पंचायत जालौन में सोमवार को अध्यक्ष पद के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मत डाले गए। सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक मतदान होना था तीन बजे के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई तो सपा की आसना खातून को दस मत प्राप्त हुए और निर्दलीय उम्मीदवार सुमन निरंजन को 15 मत मिले पांच मतों से सुमन निरंजन को जिला निर्वाचल अधिकारी संदीप कौर ने विजयी प्रमाण पत्र सौपा।  जिला पंचायत का यह चुनाव सपा के लिए गले की फांस बन गया है क्योंकि सपा के अधिकृत उम्मीदवार को जिस तरीके से हार का सामना करना पड़ा है। उससे यह साबित हो गया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में सपा की जमीन बेहद कमजोर है। वैसे तो यह चुनाव सत्ता का होता है, लेकिन जिस तरीके से पूर्व सांसद से लोगों को नाराजगी है।

उसका परिणाम जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा के हाईकमान को हार देखने को मिली। 25 सदस्यी जिला पंचायत में सबसे अधिक 11 समाजवादी पार्टी के सदस्य है बसपा छह, भाजपा चार, महानदल दो और निर्दलीय सदस्य है, लेकिन 11 सदस्य होने के बाद भी समाजवादी पार्टी को दस ही मत प्राप्त हुए है।  एक सदस्य ने क्रांस वोटिंग कर निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में वोट किया। वैसे माना यह भी जा रहा है कि महानदल के दो सदस्यों ने भी सपा को ही वोट दिया है यदि इस हिसाब से देखा जाए तो सपा के तीन सदस्यों ने क्रांस वोटिंग की। सपा हाईकमान ने पर्यवेक्षक के रूप के गरौठा के विधायक दीप नारायण सिंह यादव को जिला पंचायत अध्यक्षी को जिताने की कमान सौंपी थी। उन्होंने तीन दिन डेरा डाल कर काफी प्रयास किया लेकिन उनका प्रयास असफल रहा।

हालांकि उन्होंने चुनाव के पूर्व पार्टी हाईकमान को इशारों में संदेश दे दिया था कि सपा उम्मीदवार को जीतना काफी मुश्किल है। तभी एक दिन पहले कुछ नाराज सदस्यों को हाईकमान ने लखनऊ तलब किया और उनको मनाने का प्रयास किया। लखनऊ की हां उरई आते-आते न में बदल गई। उन सदस्यों ने पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी के जरिए सपा से घोषित उम्मीदवार आसना खातून को मत न देकर उनकी पराजय सुनिश्चित कर दी।