उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मोहसिन रजा इकलौते मुस्लिम मंत्री हैं। इस वजह से वह गाहे-बगाहे चर्चा में आ ही जाते हैं। ताजा मामला योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस का है, जहां मोहसिन रजा पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मंच पर बैठने के लिए कुर्सी ही नहीं मिली। ऐसे में मंत्री जी भी वहां से चुपचाप निकल गए। दरअसल उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर योगी आदित्यनाथ मीडिया से मुखातिब थे। इस दौरान योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय समेत कई नेता मौजूद थे। राज्य सरकार में राज्यमंत्री मोहसिन रजा भी मौके पर मौजूद थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहसिन रजा भी मंच पर मौजूद थे, लेकिन हैरानी की बात ये है कि उन्हें बैठने के लिए कुर्सी ही नसीब नहीं हुई। कुछ देर मोहसिन रजा मंच पर ही खड़े रहे, लेकिन उनके लिए कुर्सी का इंतजाम नहीं हो पाया। इस पर मंत्री मोहसिन रजा ने चुपचाप पार्टी दफ्तर से निकलने में ही भलाई समझी। उल्लेखनीय है कि ऐसा पहली बार नहीं है कि मोहसिन रजा को पार्टी नेताओं के बीच अहमियत ना मिली हो। टीवी9 भारतवर्ष की खबर के अनुसार, इससे पहले हाल ही में कुंभ स्नान और अयोध्या में आरती के दौरान भी वह ऐसी ही परिस्थिति का शिकार हो चुके हैं।

बता दें कि मोहसिन रजा मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला के दामाद हैं और उन्हीं के कहने पर भाजपा में शामिल हुए थे। मोहसिन रजा क्रिकेटर रह चुके हैं और रणजी स्तर तक खेल चुके हैं। मोहसिन रजा ने चुनाव नहीं लड़ा था और सीधे राज्यमंत्री बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के उन्नाव से ताल्लुक रखने वाले मोहसिन रजा ने साल 2013 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। हालांकि अभी तक वह कोई चुनाव नहीं लड़े हैं।