कोरोना के इलाज में आइवर मेक्टिन नाम की दवा पर नया विवाद छिड़ गया है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि यह दवा सभी मरीजों को नहीं देनी है। बावजूद इसके 19 अगस्त को लखनऊ के जिलाधिकारी और सीएमओ ने सभी को ये दवा खिलाने का ऐलान कर दिया। इससे रातों-रात इस दवा की बाजार में किल्लत हो गई और दवा बनाने वाली प्राइवेट कंपनी की चांदी हो गई। हालांकि, दवा की कालाबाजारी होता देख अधिकारी सफाई दे रहे हैं कि सभी को वो दवा नहीं खानी है।
लखनऊ में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए 19 अगस्त को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर पी सिंह ने एडवाजरी जारी कर लोगों को आइवर मेक्टिन 12 मिलिग्राम की टैबलेट लेने को कहा था ताकि कोरोना संक्रमण का प्रसार रोका जा सके। आदेश में कहा गया था, “कोविड-19 के प्रभाव को रोकने के लिए, डॉक्टरों को आइवर मेक्टिन 12 मिलीग्राम की गोलियां लेने का सुझाव दिया जाता है जो महामारी से बचाव में काफी हद तक मददगार है। इसलिए नागरिकों से अपील की जाती है कि वे उक्त टैबलेट का उपयोग करें।” सीएमओ की एडवायजरी में कहा गया था कि जो लोग होम आइसोलेशन में हैं, उन्हें तीन दिन तक रोजाना एक टैबलेट लेना है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोग एक टैबलेट लें। फिर उसके सातवें दिन एक टैबलेट लें।
स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव ने जो पत्र सभी डीएम और सीएमओ को लिखा था, उसमें साफ ताकीद किया गया था कि ये दवा सभी के लिए नहीं है। विभाग के मुताबिक ये दवा संक्रमित के संपर्क में आए पुष्ट लोगों को दो बार देने की सलाह दी गई थी। इसके अलावा कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी देने की बात कही गई थी। कोरोना पॉजिटिव मरीजों को भी ये दवा देने का सुझाव और तरीका बताया गया था। विभाग ने गर्भवती महिलाओं को दवा देने पर भी सुझाव दिए थे। ये दवा सन फार्मास्यूटिकल्स की है।
बता दें कि लखनऊ में नए मामलों (767) के साथ-साथ मौतों (7) की संख्या सबसे अधिक थी। कानपुर नगर में 414 नए मामले और दो मौतें हुईं, जबकि गोरखपुर में 353 नए मामले दर्ज हुए और दो मौतें हुईं। प्रयागराज में 234 नए मामले और दो मौतें दर्ज की गईं। अब कम से कम पांच जिलों लखनऊ (6,941), कानपुर नगर (4,081), गोरखपुर (2,640), प्रयागराज (2,263), और वाराणसी (2,023) में 2,000 से अधिक सक्रिय मामले हैं। राज्य में अब तक कोरोना से 2638 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि मौत की दर घटकर अब 1.57 फीसदी पर आ गई है।
