उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे सपा नेता आजम खान के खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि पूर्व मंत्री ने शिया धर्म गुरु मौलाना सैय्यद कल्बे जव्वाद नकवी और आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बता दें कि उन पर यह एफआईआर अल्लामा जमीर नकवी नाम के शख्स की शिकायत पर दर्ज हुई है। नकवी ने आरोप लगाया है कि आजम खान ने मौलाना सैय्यद कल्बे जव्वाद नकवी और आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिससे उनकी और समाज की भावनाएं आहत हुई है।

बता दें कि सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पर हजरतगंज कोतवाली में हुसैनाबाद बुरैरा निवासी अल्लामा जमीर की ओर से दी गई तहरीर में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद पर गैरमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही आरोप लगाया कि अगस्त 2014 में सरकारी लेटर पैड व मुहर का दुरुपयोग कर शिया धर्मगुरु अपमान किया गया। फिलहाल नकवी की तहरीर पर आईपीसी की धारा 500 और 505 के तहत आजम पर केस दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता नकवी ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री आजम ने आरएसएस के साथ ही शिया धर्मगुरु मौलाना कब्जे जव्वाद और उनके निजी सचिव इमरान नकवी को अपमानित किया है। साथ ही नकवी ने आजम के साथ आरएसएस को बदनाम करने के षड़यंत्र में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के भी शामिल होने का आरोप लगाया था। फिलहाल प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह ने बताया कि मामला चार साल पहले सपा सरकार के कार्यकाल का है। जिसकी जांच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने अपने सरकारी लेटर पैड पर लिखकर आरोप लगाया था कि ठाकुरगंज स्थित वक्फ की 22 बीघा जमीन को मौलाना जवाद ने प्लॉटिंग कर बेच डाला था।