उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीजेपी नेता पर दरोगा के बेटे और बहू को पीटने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि बाइक में टक्कर लगने का विरोध करने पर बीजेपी नेता ने इस घटना को अंजाम दिया। काफी गहमागहमी के बाद दंपती और बीजेपी नेता को पुलिस थाने ले गई। जहां दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर मुकदमा दर्ज कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस दौरान बीजेपी नेता के समर्थकों ने थाने में काफी हंगामा किया और पुलिस व पीड़ित दंपती पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे।

क्या है मामला: बताया जा रहा है कि मेरठ के जागृति विहार में सेक्टर-6 निवासी दरोगा तेज बहादुर सिंह का बेटा प्रशांत वरुण अपनी पत्नी आरती के साथ बाइक से डॉक्टर के क्लीनिक जा रहा था। इस दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक चौराहे पर सामने से आ रही एक स्कार्पियो ने प्रशांत की बाइक में टक्कर मार दी। गाड़ी में दिग्विजय सिंह जो कि बीजेपी के जिला संयोजक आईटी विभाग बताए जा रहे हैं सवार थे। आरोप है कि बाइक में टक्कर मारने का विरोध करने पर बीजेपी नेता दिग्विजय और गाड़ी में बैठे दो और लोगों ने दंपती के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं इन लोगों पर महिला के कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगा है। घटना सोमवार (6 मई) दोपहर की बताई जा रही है।

दंपति पर बनाया दबाव: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जैसे ही बीजेपी नेता और दंपति के बीच बहस शुरू हुई वैसे ही बीजेपी नेता के कई समर्थक मौके पर पहुंचकर दंपति पर दबाव बनाने लगे कि मामले को यहीं रफा दफा कर दें। लेकिन दंपति पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अपने साथ थाने ले गई।

दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराया गया मुकदमा: महिला का आरोप था कि सरेआम उनके साथ मारपीट और कपड़े फाड़े गएं हैं। इसके बाद बीजेपी नेता दिग्विजय समेत पांच लोगों के खिलाफ मारपीट, छेड़खानी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। वहीं दिग्विजय का कहना था कि शिकायतकर्ता महिला खुद को एसपी क्राइम की रिश्तेदार बता रही थी। दिग्विजय की तहरीर पर भी दंपती के ऊपर केस दर्ज किया गया।