उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक कचौड़ी बेचने वाला व्यापारी करोड़पति निकला है। इस खुलासे के बाद से आम आदमी के साथ-साथ जांच एजेंसियां भी हैरान हैं। जांच में पता चला है कि कचौड़ी वाले का सालाना टर्नओवर करोड़ के पार है। व्यापारी ने दुकान का पंजीकरण जीएसटी के तहत नहीं कराया है, जिसके चलते स्टेट इंटेलीजेंस ब्यूरो ने कचौड़ी वाले को नोटिस जारी किया है। हिन्दुस्तान की एक खबर के अनुसार, अलीगढ़ के सीमा टॉकीज के नजदीक एक कचौड़ी वाले की दुकान है। मुकेश नाम का व्यापारी पिछले 10-12 सालों से इस दुकान को चला रहा है। बीते दिनों स्टेट इंटेलीजेंस ब्यूरो, लखनऊ को व्यापारी के बारे में शिकायत मिली।

शिकायत मिलने के बाद मामला लखनऊ से अलीगढ़ पहुंचा। जिसके बाद अलीगढ़ वाणिज्य कर विभाग की टीम ने सबसे पहले तो दुकान की तलाश की। इसके बाद कुछ दिन तक अधिकारियों ने दुकान की रेकी कर दुकान की बिक्री के बारे में पता लगाने की कोशिश की। इसके बाद बीते 21 जून को विभाग की टीम ने दुकान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान व्यापारी ने खुद ही सालाना लाखों रुपए के टर्नओवर की बात स्वीकार कर ली। खबर के अनुसार, व्यापारी ने खुद ही ग्राहकों की संख्या, कच्चे माल की खरीद, रिफाइंड, चीनी व गैस सिलेंडर खर्च के बारे में जांच अधिकारियों को पूरी जानकारी दे दी।

बता दें कि सरकारी नियमों के अनुसार, 40 लाख रुपए से ज्यादा के टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। कचौड़ी व्यापारी का सालाना टर्नओवर 60 लाख रुपए से अधिक है। माना जा रहा है कि विस्तृत जांच के बाद यह टर्नओवर एक करोड़ के पार भी जा सकता है। इसके बावजूद व्यापारी ने जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराया हुआ है। ऐसे में व्यापारी को अब जीएसटी में पंजीकरण कराना होगा और बीते एक साल के कारोबार पर टैक्स देना होगा। वहीं एक कचौड़ी वाले का, जिसका कि शहर में कोई खास नाम भी नहीं है, उसका टर्नओवर करोड़ के पार मिलने के बाद जांच अधिकारियों की नजर शहर के कई नामी कचौड़ी वालों की तरफ घूम गई है।