उत्तर प्रदेश में इस साल जहरीली और अवैध शराब पीने से सैकड़ों लोगों की मौत के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। फैसले के तहत अब विषाक्त मदिरा के परिवहन और बिक्री पर अब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कानून के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए हैं।
इन धाराओं के तहत होगी सख्त कार्रवाईः सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार (3 जुलाई) को बताया कि प्रमुख सचिव, आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और आबकारी आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि मदिरा से हुई जनहानि के मामलों में संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की धारा-60(क) के साथ-साथ भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की धारा-272, 273, 304 और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गंभीर शारीरिक क्षति में दर्ज होगा मुकदमाः उन्होंने कहा कि विषाक्त मदिरा के सेवन से होने वाली जनहानि, अपंगता और गंभीर शारीरिक क्षति के प्रकरणों में प्रभावी रूप से अभियोग पंजीकृत किये जाएं। प्रमुख सचिव आबकारी के अनुसार यदि दोषियों द्वारा अवैध मदिरा के निर्माण या तस्करी के कार्य की पुनरावृत्ति की जाती है तो उनके विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत करने पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जहरीली शराब के खिलाफ चली थी मुहिमः उल्लेखनीय है कि इसी साल कुछ महीनों पहले जहरीली शराब के सेवन के चलते सहारनपुर और बागपत समेत प्रदेश के कई जिलों में सैकड़ों की तादाद में लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया था। इसके बाद प्रदेशभर में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान कई अधिकारी-कर्मचारी निलंबित भी किए गए थे।

