उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां ककोड़ थाने के पुलिसकर्मियों पर इसलिए कार्रवाई की गई है क्योंकि उनपर आरोप है कि उन्होंने कोर्ट की ओर से जारी जमानती यानि बीडब्ल्यू वारंट को एनबीडब्ल्यू (गैर जमानती) में बदल दिया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है।
क्या है मामला: टाइम्स नाउ में छपी खबर के मुताबिक, ककोड़ थाने में तैनात कांस्टेबल दीपक कुमार को कोर्ट के जमानती वारंट को एडिट कर गैर जमानती करने के आरोप के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इसके अलावा दीपक ने गैर क़ानूनी तरीके से ब्रम्हानंद शर्मा नाम के शख्स को लॉकअप में रखा था। जबकि पीड़ित का जमानती वारंट कोर्ट द्वारा जारी किया गया था। लेकिन कांस्टेबल दीपक कुमार ने उसे एडिट करके गैर जमानती बना दिया और इसे सबइंस्पेक्टर संजीव बालियान को सौंप दिया, जिन्होंने शर्मा को गिरफ्तार किया था।
National Hindi News, 01 August 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक
एसएसपी ने की कार्रवाई: जब यह पूरा मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने कांस्टेबल दीपक कुमार को तत्काल सस्पेंड कर दिया और तीन सब इंपेक्टरों को लाइन हाजिर कर दिया। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल दीपक ने BW (बेलेबल वारंट) के आगे N लगाकर उसे नॉन बेलेबल वारंट बना दिया था। यही नहीं आरोपी की थाने में एंट्री का समय और जाने का समय भी दर्ज नहीं था। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो दीपक कुमार का ड्यूटी के दौरान लापरवाही का पुराना रिकॉर्ड है।

