भारतीय वायुसेना के आठ फाइटर जेट 21 नवंबर को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर उतरेंगे। 21 नवंबर को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के 78वें जन्मदिन पर इस एक्सप्रेस-वे की ओपनिंग की जाएगी। एक्सप्रेस-वे की ग्रांड ओपनिंग के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक्सप्रेस-वे पर फाइटर जेट उतारने के लिए उन्नाव में शुक्रवार को ट्रायल किया गया। ट्रायल का वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दिन मिग, सुखोई और मिराज 2000 विमान एक्सप्रेस वे की ताकत को जांचेंगे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे यूपी सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 302 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को 22 महीने में पूरा किया गया है। इस पर 13,200 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसे दिसंबर में आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पिछले शनिवार को वायु सेना के अधिकारियों के सहित कई अन्य अधिकारियों ने एक्सप्रेस-वे का मुआवना किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी सीएम अखिलेश यादव ने सेना और एयरफोर्स के अधिकारियों से उद्घाटन पर वायुसेना के विमान लैंड करने की अपील की थी। वायुसेना नवंबर के पहले और फिर दूसरे सप्ताह में आगरा एक्सप्रेस वे पर विमानों की लैंडिंग कराना चाहती थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से 21 नवंबर को लैंडिंग कराने का प्रस्ताव मिला। बताया जा रहा है कि ग्वालियर से आए चार मिराज 2000 और बरेली से आने वाले चार सुखोई विमान उतारे जाएंगे। ये आठ लड़ाकू विमान करीब 300 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से एक्सप्रेस वे पर दो किलोमीटर लैंडिंग करने के बाद वापस उड़ जाएंगे।
यहां देखें- ट्रायल का वीडियो
#WATCH Unnao: IAF jets to touch down on Agra-Lucknow expressway on Nov 21, trial underway pic.twitter.com/tLKDgkjeeQ
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 18, 2016
पिछले साल मई महीने में भी वायुसेना ने मथुरा के नजदीक राया गांव में यमुना एक्सप्रेस-वे पर अपना फाइटर विमान मिराज 2000 उतारा था। यह एक ट्रायल था, यह जांचने के लिए कि युद्ध की स्थिति में कितने एक्सप्रेस-वे पर फाइटर जेट उतारे जा सकते हैं। जब यमुना एक्सप्रेस-वे पर फाइटर जेट उतारा गया था, तब इसे रात से ही बंद कर दिया गया था। यह एक गुप्त ट्रायल ऑपरेशन था। भारतीय वायुसेना द्वारा इस तरह का प्रयोग भारत में पहली बार किया गया था। अभी जर्मनी, पौलेंड, स्वीडन, दक्षिण कोरिया, ताइवान, फिनलैंड, सिंगापुर, चकोस्लोवाकिया और पाकिस्तान ने अपने एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर ऐसी सुविधा बनाई है कि इमरजेंसी की स्थिति में उन पर फाइटर जेट उतारे जा सकते हैं।
