जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के मुताबिक राज्य प्रशासन अगले चार से छह महीने में सभी पक्षों के साथ बातचीत करने के लिए माहौल बनाने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि लोगों तक पहुंचने, उनके लिए उपलब्ध रहने, उनके काम करने, राज्य का विकास सुनिश्चित करने और बातचीत के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदेश प्राप्त है।

राज्यपाल ने कहा कि हम चार से छह माह में ऐसा माहौल बनाने का प्रयास करेंगे, जिसमें बातचीत की जा सके। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पथराव और आतंकवाद संबंधी घटनाओं में कमी आई है। निकाय चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए हैं। हमारी नीति से हमें अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। दो क्षेत्रीय राजनीतिक दलों- नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को निकाय चुनाव में शामिल कराने में उनके विफल रहने संबंधी एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी भूल का अहसास है और वे पंचायत चुनाव में हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा कि किश्तवाड़ में भाजपा नेता को मारने वाले आतंकवादियों की पहचान कर ली गई है। निगम चुनाव सफलतापूर्वक कराए जाने से आतंकवादी निराश थे। इस कारण आतंकवादियों ने भाजपा नेता को मारकर दहशत फैलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल ऊंचा है। सुरक्षाबल आतंकियों को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद से इलाके में कर्फ्यू लगा दिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना बुलाई गई है।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ शहर में सोमवार को लगातार पांचवें दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। भाजपा नेता और उनके भाई की हत्या के जाने के बाद वहां कर्फ्यू लगाया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को जिले में दो घंटे और रविवार को चार घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई। किश्तवाड़ जिले के पद्दर और चत्रू उप संभागों में मुख्य शहर और भद्रवाह समेत डोडा जिले से कर्फ्यू हटा दिया गया, लेकिन कानून व व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर इन इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि राज्य में आतंकवाद में शामिल होने वाले युवकों की संख्या में भारी कमी आई है। पिछले तीन महीनों में सिर्फ एक लड़का आतंकवाद में शामिल हुआ है।

कश्मीर में रोहिंग्या शरणार्थियों का बॉयोमेट्रिक डाटा लिया जाएगा
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य में रोहिंग्या शरणार्थियों की समस्या पर चिंता जताई है। राजभवन से जारी बयान के मुताबिक अगले दो महीनों के भीतर जम्मू-कश्मीर में बसे सभी रोहिंग्या शरणार्थियों का बायोमेट्रिक डाटा जमा करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। केंद्रीय खुफिया एजंसी आइबी की एक रपट के बाद राज्य में यह कवायद शुरू करने की योजना बनाई गई है। राज्यपाल के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के कारगिल तक में रोहिंग्या शरणार्थियों के पहुंच जाने की सूचना मिली है। आइबी की रपट में खुलासा हुआ है कि 53 रोहिंग्या कारगिल में रह रहे हैं। नियंत्रण रेखा के नजदीक होने के कारण कारगिल सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेनदशील है।