केरल के मलप्पुरम में सरकारी स्कूल की प्री-प्राइमरी की एक शिक्षिका ने संस्थान के अधिकारियों पर आरोप लगाया है। शिक्षिका ने कहा कि मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) से लौटने के बाद वे उसे ड्यूटी ज्वाइन करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि उन लोगों ने उसके वैवाहिक दर्जे और उसकी गर्भावस्था के संबंध में भी उसका अपमान किया था। नौकरी नहीं दिए जाने पर उसने शिक्षा उप-निदेशक से भी मुलाकात की थी।
तीन महीने की छुट्टी का किया था आवेदनः वह पिछले पांच सालों से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के तौर पर काम करती थी। महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला ने पीटीआई-भाषा से बताया,’मैंने तीन माह की छुट्टी का आवेदन दिया था लेकिन जब मैं जनवरी में मातृत्व अवकाश से लौटी तो मुझे दोबारा ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने दिया गया।’
National Hindi News, 20 June 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक
इससे पहले नोएडा की एक कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारी के मातृत्व अवकाश मांगने पर नौकरी से निकाल दिया गया था। महिला ने आरोप लगाया कि कंपनी के मैनेजर ने उन्हें कोई नोटिस जारी किए बिना काम से निकाल दिया था। महिला कंपनी में कस्टमर रिलेशनशिप पद पर तैनात थी। वहीं इस मामले में कंपनी ने तर्क दिया कि महिला कंपनी में 6 महीने के प्रोबेशन पीरियड पर थी। उनका काम संतोषजनक न होने के चलते उन्हें नौकरी से निकाला गया था। इस बारे में बाद में महिला ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।

