सूरत में शुक्रवार (24 मई) को कोचिंग सेंटर में लगी आग ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। हादसे में बमुश्किल अपनी जान बचा पाए चश्मदीद ने भयावह दास्तां को बयां किया। आग से बचने के लिए कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे कई बच्चों ने वहां से छलांग लगा दी। इस हादसे में अब तक 20 छात्रों और एक शिक्षिका के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। इस घटना में छत से कूदने के चलते घायल हुए रुषित ने दर्दनाक आपबीती सुनाई। 17 वर्षीय रुषित वेकरिया ने बताया कि जब वे पढ़ रहे थे तो अचानक एसी से धुआं निकलता दिखा, इसे देखकर सभी छात्र घबरा गए।
टीचर ने कहा नीचे से आ रहा धुआंः वेकरिया ने कहा, ‘हमारे टीचर ने कहा कि ये धुआं नीचे सीढ़ियों पर कागज के जलने की वजह से आ रहा है। लेकिन धीरे-धीरे धुआं बढ़ता गया। इसके बाद सुरक्षा के लिए हम कोचिंग सेंटर के आखिर के कमरे में चले गए। हमारे लिए सांस लेना मुश्किल हो गया था इसलिए वहां की खिड़कियों को तोड़ दिया।’
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लोगों ने कूदने को कहाः रुषित ने कहा, ‘हमने दमकल की गाड़ियों को नीचे देखा और लोगों ने हमें कूदने के लिए कहा, लेकिन हमें नीचे हमें पकड़ने के लिए कोई सुरक्षात्मक जाल नहीं था। मैंने सोचा कि अगर मैं इस धुएं में यहां रहूंगा तो मैं दम घुटने से मर जाऊंगा। इसलिए मैंने चांस लिया और चौथी मंजिल से कूद गया।’ रुषित के हाथ और सिर में चोटें आई हैं।
पीएम मोदी ने जताया दुखः प्रधानमंत्री मोदी ने इस दर्दनाक घटना पर शोक प्रकट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘सूरत में हुई त्रासदी से मैं बेहद आहत हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिजनों के साथ है। प्रार्थना करता हूं कि हादसे में घायल जल्दी स्वस्थ हों। हमने गुजरात सरकार और स्थानीय अधिकारियों से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कहा है।’
