उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक गांव में शुक्रवार सुबह दो समुदाय आमने-सामने आ गए और दोनों समुदायों के बीच जमकर पत्थरबाज हुई। इस घटना में करीब छह लोग घायल हो गए।
मामला जिले के हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के काठीखेड़ा गांव का है जहां शुक्रवार सुबह दो समुदायों के बीच जमकर पथराव हुआ। पुलिस के अनुसार एक पक्ष/पीड़ित की तहरीर पर 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।
उपले चोरी होने पर बढ़ा विवाद
नगर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) वरुण मिश्रा ने मामले में कहा कि हापुड़ काठीखेड़ा गांव में उपले (सूखे गोबर) चोरी करने को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पीड़ित पक्ष की तहरीर पर 14 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को हिरासत में लिया है। बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
चोरी कर रहा था विशेष समुदाय का युवक
काठीखेड़ा के सिद्धार्थ गौतम ने पुलिस से शिकायत की कि शुक्रवार सुबह उसकी चाची धनवती कूड़ा फेंकने जा रही थी, तभी उन्होंने देखा कि सलाई गांव का निवासी दूसरे समुदाय का युवक समीम बिटोड़े में से चोरी से उपले निकालकर जला रहा था।
गौतम के मुताबिक उसकी चाची ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी और उसके परिवार ने मारपीट की। आगे शिकायत में कहा गया कि आरोपी समीम ने अपने परिवार की रेशमा, मुस्कान, गुलसमा, सलमा, शहजाद, अनस, अरबाज, भज्जी, वहीम, वसीम, कादिर, मतीन, फहीम को मौके पर बुला लाया और वे सभी लाठी-डंडो एवं धारदार हथियारों लेकर आये और मारपीट करने लगे।
छह लोग हुए घायल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से उनके परिवार पर जमकर पत्थर फेंके, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इस पथराव और मारपीट में धनवती, मीनाक्षी, रणवीर, अंकित, शेर सिंह और प्रिंस को गंभीर चोट लगी है।
अन्य ग्रामीणों की भीड़ को मौके पर आता देख आरोपी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। वहीं भागते समय एक आरोपी फहीम भी गिरकर चोटिल हो गया था। गांव में दो समुदाय के बीच पथराव, मारपीट की सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। सीओ ने बताया कि मामले में आगे कार्रवाई की जा रही है।
इनपुट- भाषा
यह भी पढ़ें: योगी सरकार और यूपी बीजेपी में ब्राह्मणों का दबदबा; कितनी है क्षत्रिय, ओबीसी, दलित समुदाय की भागीदारी?
