भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पार्टी के दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सीलिंग के मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता ने कहा कि झूठ बोलना केजरीवाल की फितरत है। दिल्ली की 351 सड़कों को मिक्स लैंड यूज के तहत अधिसूचित करने में देरी के लिए केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि इन सड़कों को अधिसूचित करने में देरी की वजह से व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल दोषारोपण करने से काम नहीं चलेगा। इसका सर्वमान्य हल निकालने के लिए बदली हुई परिस्थितियों के अनुसार नियमों-कानूनों में आवश्यक बदलाव किए जाने की जरूरत है।
जनसत्ता ‘बारादरी’ में सीलिंग से पैदा हुए हालात के बारे में पूछने पर भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि ऐसा साबित करने की कोशिश की जा रही है, मानो दिल्ली के तीनों नगर निगमों में सत्ता चला रही भाजपा ही इस सीलिंग के लिए जिम्मेदार है, लेकिन सच बात तो यह है कि यह सीलिंग सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति के आदेश से हो रही है। भाजपा शासित निगमों का सीधे तौर पर इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विषय है जिसको ठीक से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि यह सीलिंग 2012-13 में बंद हो गई थी, तो आज फिर से ऐसे हालात क्यों पैदा हुए कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति को सीलिंग के आदेश देने पड़े। दिल्ली में बीते वर्षों में कौन सरकार चला रहा है और क्या उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।
भाजपा नेता ने बवाना अग्निकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री बताएं कि बवाना का औद्योगिक क्षेत्र किसके अधीन है और कौन यहां पर लाइसेंस जारी करता है। केवल दोषारोपण करने और झूठ बोलने से काम नहीं चलेगा। आज जरूरत इस बात की है कि इस समस्या का गहराई से विश्लेषण कर बदले हुए वक्त के अनुसार कायदे-कानूनों में तब्दीली की जाए। उन्होंने कहा कि 2006-07 में जब सीलिंग हुई थी, तब की परिस्थितियां कुछ और थीं और आज की उससे बिल्कुल अलग हैं। लिहाजा आज की जरूरत के अनुसार जहां-जहां नियमों में बदलाव की जरूरत है, वहां बदलाव किया जाए। झूठ बोलकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेना समस्या का समाधान नहीं है।

