भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गुरुवार (15 जुलाई) को प्रेस कांफ्रेंस में बड़ी घोषणा करते हुए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को यूपी चुनाव की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार घोषित कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जर्नादन द्विवेदी और गुलाम नबी आजाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज इस बात की औपचारिक घोषणा की। साथ ही उन्होंने यूपी चुनाव के लिए प्रचार समीति के अध्यक्ष की घोषणा करते हुए संजय सिंह का नाम घोषित किया। शीला दीक्षित इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है वह इसका पूरी तरह निर्वहन करेंगी। बता दें कि शीला 1984 से 1989 कन्नौज से सांसद रही थीं। इसके अलावा शीला 1998 से 2013 तक (लगातार 15 साल) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी रहीं। शीला अब एक लंबे समय बाद यूपी की राजनीति में वापसी करने जा रही हैं। शीला ने इस बात को स्वीका किया है कि यूपी में चुनौती बहुत बड़ी है और पर पूरी तैयारी के साथ जाएंगी।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने एक संयोजन समिति भी बनाई है, जिसके अध्यक्ष प्रमोद तिवारी होंगे। इसके सदस्यों में मोहसिना किदवाई, सलमान ख़ुर्शीद, राजीव शुक्ला, श्रीप्रकाश जायसवाल, रीता बहुगुणा, सलीम शेरवानी और प्रदीप जैन आदित्य, पीएल पुणिया, निर्मल खत्री, प्रदीप माथुर शामिल हैं। मालूम हो कि शीला कपूरथला में पैदा हुई हैं, लेकिन उनकी शादी उन्नाव में हुई। वो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमाशंकर दीक्षित की बहू हैं। शीला खुद को इसी नाते यूपी का भी बताती हैं। हालांकि यूपी में सत्ताधारी पार्टी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा है जनता हर चीज का आंकलन खुल कर लेगी।

शीला दीक्षित तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और राजीव गांधी की सरकार में भी उन्होंने संसदीय राज्य मंत्री और पीएमओ में राज्य मंत्री का जिम्मा संभाला।