‘वजीराबाद के झड़ौदा इलाके में सफाई कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरण के उतारने से सफाई के दौरान कर्मचारी नाले में डूब गया और अब तक लापता है’। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि कर्मचारी की सघन जांच के बाद भी कर्मचारी का अब तक कोई सुराग नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस प्रकार की लापरवाही से हादसा हुआ है। बार-बार इसी प्रकार कर्मचारियों को सफाई के लिए उतारा जा रहा है। गंदे नालों में कार्बन, कार्बन मोनो समेत कई जहरीली गैसें होती हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में दिल्ली सरकार लापरवाही करके कर्मचारियों की जान से खिलवाड़ कर रही है। सितंबर, 2018 तक इस वजह से 5 और 2017 में ऐसी 10 कर्मचारियों की मौत हुई हैं। जबकि 3-4 वर्षों में करीब 60 कर्मचारी इस प्रकार के हादसों में अपनी जान गवां चुके हैं। इन हादसों से दिल्ली सरकार ने कोई सबक नहीं लिया है। ऐसे हादसे होने के बाद ठेकेदार भी मौके से भाग जाते हैं। इस हादसे के बाद भी ऐसी ही स्थिति सामने आ रही है।

‘असंवेदनशील है दिल्ली सरकार’
केंद्रीय मंत्री विजय गोयल का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सफाई कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशील हैं। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को दिल्ली सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही की वजह से ही सफाई कर्मचारियों की काम के दौरान मौतें हो रही हैं। दिल्ली सरकार चाहती तो इन कर्मचारियों को उपकरण के साथ सफाई के लिए उतार सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जो कर्मचारियों की मौत की बड़ी वजह बन रही है। उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच कराई जाए और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।