राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित रामलीला समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति कोविंद ने दर्शकों के जय श्रीराम के उद्घोष के बीच रामलीला में राम, सीता और लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे कलाकारों को तिलक लगाया। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह त्योहार हमें ईमानदार जिंदगी जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, ‘मैं विजयदशमी पर देश के लोगों को मुबारकबाद देता हूं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार जीवन में अच्छी चीजों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।’ उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इसकी वजह से दूसरों को असुविधा और प्रदूषण न हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम और लक्ष्मण को तिलक लगाने के बाद बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया। समारोह में पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन और दिल्ली भाजपा प्रमुख मनोज तिवारी भी शामिल हुए। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नवश्री धार्मिक लीला समिति के आयोजन में हिस्सा लिया। रावण दहन के दौरान यहां आकर्षक और चकाचौंध कर देने वाली आतिशबाजी हुई।

मैदान में रथ पर सवार होकर राम और रावण ने मायावी युद्ध किया। लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के दृश्य का आनंद लिया। लीला के अध्यक्ष पद्म चंद गर्ग ने बताया कि इस बार महिलाओं पर अत्याचार करने वाले राक्षस रूपी रावण का अंत करने के लिए हमने चौथा पुतला भी जलाया। वहीं कहीं-कहीं प्रदूषण को भी चौथे पुतला का रूप दिया गया। दिल्ली की प्रसिद्ध रामलीलाओं में से एक सनातन धर्म लीला समिति के तत्वावधान में करोल बाग की श्री राम वाटिका में रामलीला के दसवें दिन राम-रावण युद्ध, राम द्वारा रावण का वध और साथ में स्वदेशी निर्मित आतिशबाजी हुई। गंगा की सफाई की थीम पर निर्मित इस लीला में आयोजकों व दर्शकों ने संकल्प लिया कि हमें गंगा को साफ रखना चाहिए और गंगा की सफाई में योगदान देना चाहिए।