सरकार ने पिछले माह कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की एक परीक्षा के पेपर के कथित तौर पर लीक होने के मामले की सीबीआइ जांच कराने के आदेश दिए हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को यह जानकारी दी। सीबीआइ जांच का आदेश दिए जाने से पहले एसएससी ने 17 से 22 फरवरी तक संपन्न संयुक्त स्नातक स्तर (टायर-2) परीक्षा 2017 के प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले की सीबीआइ से जांच कराने की सिफारिश की थी।

गृह मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि हमने प्रदर्शन कर रहे प्रतिभागियों की मांग स्वीकार कर ली और सीबीआइ जांच के आदेश दे दिए हैं। अब प्रदर्शनकारी छात्रों को प्रदर्शन बंद कर देना चाहिए। प्रदर्शनकारी युवा कथित पेपर लीक मामले की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए 27 फरवरी से यहां आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने प्रतिभागियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एसएससी के अध्यक्ष अशीम खुराना से मुलाकात की और सीबीआइ जांच की मांग की।

इन लोगों ने गृहमंत्री से भी मुलाकात कर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया। बाद में एक बयान में एसएससी के अध्यक्ष ने कहा कि आयोग 21 फरवरी को पेपर- एक के प्रश्न कथित तौर पर लीक होने के मामले की सीबीआइ जांच कराने के लिए सरकार से अनुरोध करने की सिफारिश कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग से करने पर सहमत हो गया। एसएससी केंद्र सरकार में निचली श्रेणी के पदों पर भर्ती करने के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है।