Prayagraj News: आज मौनी अमावस्या के मौके पर संगम तट पर एक तरफ जहां श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब आया है तो दूसरी ओर यहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थकों और यूपी पुलिस के बीच टकराव हो गया है, जिसके चलते शंकराचार्य ने संगम में स्नान करने से ही इनकार कर दिया है।
दरअसल, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को पुलिस ने संगम तट पर जाने से रोक दिया, जिसके बाद पूरे मेला क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। पुलिस का कहना है कि मौनी अमावस्या के चलते मेला क्षेत्र को नौ व्हीकल जोन घोषित किया है। जिसके चलते ही शंकराचार्य को भी आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। जब पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद के काफिले को रोका तो उनके समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई।
पुलिस पर संतों को मारने का आरोप
अभी तक की स्थिति में शंकराचार्य का जुलूस रुक गया है और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। वहीं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि बड़े-बड़े अधिकारी संत को मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि संत को मारा जा रहा है, जो कि गलत है।
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शंकराचार्य का स्नान करने से इनकार
पुलिस और समर्थकों के बीच बवाल को लेकर अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन को हमने कहा हम सहयोग करने को तैयार हैं, प्रशासन ने बोला है आप लोग रुक जाइए। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि हम लोग अब स्नान करने नहीं जा रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब प्रशासन ने हमसे कहा कि आप रुक जाइए तो हम लौटने लगे, लेकिन जब हम लौटने लगे तो वो हमारे संतों को मारने लगे। उन्होंने कहा कि हमने तय किया था कि हम वापस जाएंगे लेकिन अब हम कहीं नहीं जाएंगे स्नान करेंगे, हमें रोक सकते हैं तो रोक लें।
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