जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार चुनाव में करारी हार के बाद बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा है कि वो दिल्ली स्थित अपने घर को छोड़कर सारी संपत्ति जन सुराज को दान दे रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि धन के अभाव में जन सुराज आंदोलन को वो रुकने नहीं देंगे।
दरअसल बिहार चुनाव में पार्टी ने 238 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन पार्टी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। जिसके बाद पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीते मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वो पिछले तीन वर्षों से बिहार में मेहनत कर रहे हैं। उसके बावजूद जन सुराज बिहार की जनता तक अपनी बात पहुंचा पाने में क्यों असफल रही? इसी को लेकर आत्ममंथन और प्रायश्चित करने के लिए प्रशांत किशोर, पश्चिम चंपारण के भितिहरवा स्थित गांधी आश्रम में एक दिन का उपवास रखेंगे।
अगले पांच साल की कमाई का 90 फीसदी करेंगे पार्टी को दान
जिसके बाद बीते गुरुवार को प्रशांत किशोर ने जन सुराज के तमाम कार्यकर्ताओं के साथ मौन उपवास रखा। मौन उपवास के अगले दिन शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने अपनी संपत्ति दान देने का ऐलान किया, ‘मैं बिहार की जनता के सामने यह वचन देता हूं कि अगले पांच वर्षों में मैं जो भी कमाऊंगा, उसका 90 प्रतिशत जन सुराज को दान करूंगा। साथ ही अपने परिवार के लिए दिल्ली में एक मकान को छोड़कर, मैं पिछले 20 वर्षों में अर्जित अपनी सारी चल-अचल संपत्ति जन सुराज को दान कर रहा हूं। यह आंदोलन धन के अभाव में नहीं रुकेगा। मैं बिहार के लोगों से भी आग्रह करता हूं कि वे जन सुराज के लिए कम से कम 1 हजार रुपये दान करें।’
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