Bihar News: बिहार के सारण जिले में एक पाकिस्तानी नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने का मामला सामने आया है। इसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। शख्स पर आरोप है कि 1947 में ही उसे पाकिस्तान की नागरिकता मिल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं और यह पता लगाने के लिए कहा कि कैसे और किस परिस्थिति में बिना जांच के शख्स का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है।

इस शख्स का नाम अख्तर इमाम खां और उसके पिता का नाम अब्दुल खालिद खां है। यह मामला इस पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार ने उठाया है। उन्होंने स्थानीय ब्लॉक से लेकर जिला अधिकारी कार्यालय तक आवेदन देते हुए शिकायत दर्ज की है। संतोष कुमार ने अपने आरोपों की पुष्टि के लिए सारे सुबूत भी पेश किए हैं।

उन्होंने बताया कि देश बंटवारे के समय ही उनके गांव के अख्तर इमाम खां बांग्लादेश चले गए थे। 8-10 साल पहले उनका ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन चक्र संख्या 5 के क्रमांक 187 पर नाम जोड़ा गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि उस पाकिस्तानी नागरिक का किसने फोटो दिया, किसने उसके फॉर्म पर हस्ताक्षर किया और कैसे उसका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ा यह हमें जानना है।

वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सारण के जिला अधिकारी रजेश मीणा ने इसकी जांच के लिए एआरओ को निर्देशित भी किया। जिला अधिकारी ने बताया, “इस मामले की जानकारी हमें मिली है। हमने वहां के एआरओ को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, प्रथम दृष्टया ऐसा मामला सामने नहीं आया है और फाइनल रिपोर्ट का इंतेजार है, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।”

जिला अधिकारी के निर्देश के बाद बीडीओ ने बीएलओ से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही इस शख्स का नाम मतदाता सूची में कब और किस परिस्थिति में बिना जांच-पड़ताल के कैसे जोड़ा गया है, इसकी भी रिपोर्ट मांगी गई है।