राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने आतंकवादियों को धन मुहैया कराने संबंधी अपनी जांच के सिलसिले में मंगलवार को श्रीनगर के दवा कारोबारी और अलगाववादी समर्थक एजाज अहमद हकाक के नौहट्टा स्थित घर और व्यावसायिक ठिकानों समेत कई जगहों पर छापेमारी की। एनआइए ने आतंकी हाफिज सईद की फलाहे-इंसानियत नाम की चैरिटेबल संस्था के जरिए आतंकी गतिविधियों के लिए हवाला के जरिए फंडिंग की साजिश का खुलासा किया। एनआइए इसी सिलसिले में जांच कर रही है। एजाज अहमद हकाक का नाम उन लोगों की सूची में शुमार है, जो लोग हवाला के जरिए धन मंगाकर अलगाववादियों और अन्य संगठनों को मुहैया कराते हैं। इस धन से कश्मीर के स्थानीय आतंकवादियों और पत्थरबाजों की वित्तीय मदद की जाती है। एनआइए ने हकाक के ठिकानों के अलावा जम्मू और कश्मीर में कई स्थानों पर छापेमारी की है। छापों के दौरान बरामद दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। एनआइए की टीम ने एजाज अहमद हकाक और उसके परिजनों से पूछताछ की है। हालांकि, फिलहाल किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है।
इस मामले में एनआइए ने अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों के प्रवक्ता एयाज अकबर और एडवोकेट शाहिदुल इस्लाम, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित यूनाइटेड जेहाद काउंसिल के प्रमुुख व आतंकी मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटे भी शामिल हैं। इस सिलसिले में कश्मीरी कारोबारी जहूर वटाली को भी गिरफ्तार किया गया था। उसे लश्करे-तैयबा प्रमुख और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को कथित तौर पर धन मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 18 सितंबर को उसे जमानत दे दी। इस तरह के मामलों में जमानत पाने वालों में वटाली का तीसरा नाम है। इससे पहले फोटो पत्रकार कामरान यूसुफ और एक युवक जावेद अहमद बट (कुलगाम निवासी) को भी इस वर्ष के शुरू में न्यायालय से जमानत मंजूर हो गई थी। गौरतलब है कि अलगाववादी नेता और नेशनल फ्रंट के प्रमुख नईम अहमद खान ने एक स्टिंग आपरेशन में स्वीकार किया था कि अलगाववादियों को पाकिस्तान, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और विश्व के अन्य देशों से धन मिल रहा है। इसके बाद एनआइए ने मामले की जांच शुरू की थी और बाद में हुर्रियत से खान को निलंबित कर दिया गया था।
