निर्भय कुमार पांडेय

दिल्ली सरकार ने अक्तूबर में किराएदारों के लिए अलग से प्रीपेड (पूर्व भुगतान) मीटर लगवाने की योजना शुरू की थी। इसके तहत वे किराएदार मकान या फिर कमरे में अलग से मीटर लगवा सकते हैं, जिनके कमरे या फिर घर में अलग से मीटर नहीं हैं। राजधानी में बिजली वितरण करने वाली कंपनी बीएसईएस के अधिकारी ने बताया कि किराएदार अलग से मीटर लगवाने के लिए दिलचस्पी ले रहे हैं। योजना के शुरू होने से अभी तक तकरीबन 6700 से अधिक किराएदारों ने मीटर लगवाने के संबंध में विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालय और ऑनलाइन के माध्यम से संपर्क साधा।

साथ ही 1300 से अधिक आवेदन उन इलाकों के बिजली कार्यालय में पहुंचे हैं, जिन क्षेत्रों में बीएसईएस बिजली की आपूर्ति करती है। इसके साथ ही 80 किराएदरों ने अपने घर या फिर कमरे में मीटर लगवा लिए हैं। बीएसईएस के प्रवक्ता का कहना है कि जरूरतमंद लोगों ने दोनों ही माध्यम ऑनलाइन और ऑफलाइन संपर्क साधा है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में संख्या बढ़ सकती है।

अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत बीएसईएस क्षेत्र में रहने वाले किराएदार आसानी से अपना बिजली का प्रीपेड मीटर लगवा सकते हैं। इसके लिए सिर्फ दो कागजात की जरूरत पड़ती है। उनके पास रेंट/लीज एग्रीमेंट या फिर पिछले तीन महीने की रसीद और कोई भी एक पहचान पत्र होना जरूरी है। प्रीपेड मीटर लगवाने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। कोई भी किराएदार आॅनलाइन और आॅफलाइन, दोनों माध्यमों का इस्तेमाल कर मीटर लगवा सकता है।

ऑनलाइन के लिए बीएसईएस मोबाइल ऐप पर आवेदन करें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। उसके बाद डिमांड नोट पर जाकर भुगतान करें। बाद में कंपनी अपनी विभागीय कार्रवाई पूरी कर मीटर लगा देगी। वहीं, ऑफलाइन के लिए बीएसईएस के क्षेत्रीय दफ्तर में जाकर जरूरी दस्तावेज के साथ आवेदन करें। उसके बाद डिमांट नोट का भुगतान कर दें। कुछ दिनों बाद मीटर लगा दिया जाएगा।