दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा है कि विधानसभा में उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। कपिल मिश्रा ने कहा कि बुधवार (17 जनवरी) को भी बिना एक शब्द बोले उन्हें सदन से मार्शलों द्वारा बाहर करवा दिया गया। कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, ‘Marshalled Out Again – 10th Time today – बिना एक भी शब्द बोले एक विधायक को सदन से मार्शलों द्वारा निकलवा दिया गया। सदन शुरू होने के तीन मिनट के भीतर।’ कपिल मिश्रा ने दिल्ली में राज्यसभा चुनाव के दौरान आप सरकार पर सौदेबाजी का आरोप लगाया है और वह इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। इसी मांग के सिलसिले में वह बुधवार को मुंह पर पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे थे। कपिल मिश्रा सदन के बाहर एक बैनर लेकर खड़े दिखे। इसमें लिखा था, ‘राज्यसभा की सीटों की सौदेबाजी का हिसाब दो-जवाब दो, सदन में चर्चा हो, एक कांग्रेसी जिसने अन्ना आंदोलन का विरोध किया, उसे राज्यसभा में क्यों भेजा, देश का बच्चा-बच्चा कह रहा है केजरीवाल ने करोडों में सीटों को बेचा, सीएम की बोलती बंद क्यों।’ कपिल मिश्रा ने लिखा है कि क्या केजरीवाल कांग्रेस के एजेंट हैं।
Marshalled Out Again – 10th Time today – बिना एक भी शब्द बोले एक विधायक को सदन से मार्शलों द्वारा निकलवा दिया गया। सदन शुरू होने के तीन मिनट के भीतर। pic.twitter.com/NzmH8XV4uc
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) January 17, 2018
आज मुंह पर पट्टी बांध कर आया हूँ। आज भी विधानसभा से बाहर निकलवा देंगे क्या? pic.twitter.com/dSovMrfkjv
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) January 17, 2018
बता दें कि दिल्ली की तीन राज्यसभा सीटों से आप नेता संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता चुने गये हैं। आम आदमी पार्टी ने इन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था। कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर इन सीटों को बेचने का आरोप लगाया है और इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि सुशील गुप्ता ने इन आरोपों से इनकार किया है और उन्होंने कपिल मिश्रा समेत बीजेपी नेता परवेश वर्मा को मानहानि का नोटिस भेजा है।कपिल मिश्रा ने कहा कि एक आदमी को चुप कराने के लिए दिल्ली सरकार कुछ भी करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बुधवार को जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई इस मुद्दे की जांच की मांग को लेकर मैं खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहता था, लेकिन इसे लिस्ट नहीं किया गया, मैं जैसे ही कुछ बोलता स्पीकर के आदेश पर मुझे बाहर कर दिया गया।’अभी दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है।

