गजेंद्र सिंह
वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण (जीएटीएस) 2016-17 की रिपोर्ट की मानें तो देश के 55 फीसद युवा तंबाकू और धूम्रपान की लत से पीछा छुड़ाना चाहते हैं। चार साल बाद जारी हुई रिपोर्ट में बताया गया है कि 15 से 24 साल के किशोर और वयस्क लोगों में तंबाकू का सेवन 33 फीसद तक घट गया है। 2009-10 में जहां 34.6 फीसद युवा किसी भी तरह के तंबाकू का सेवन कर रहे थे, वहीं 2016-17 के सर्वेक्षण में यह आंकड़ा घटकर 28.6 फीसद पर आ गया है। इसी तरह धूम्रपान करने वाले 14 फीसद से कम होकर 10.7 फीसद पर आ गए हैं। धूम्रपान के अलावा अन्य प्रकार के तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या में भी 2009-10 के मुकाबले तीन फीसद की कमी आई है। पहले यह संख्या 25.9 फीसद थी जो घट कर 21.4 फीसद हो गई है।
वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन आॅफ इंडिया (वीएचए) नई दिल्ली के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक बिनॉय मैथ्यू बताते हैं कि भारत सरकार की नेशनल हेल्थ पॉलिसी 2017 के अनुसार, 2020 तक तंबाकू सेवन को 15 फीसद कम करने का लक्ष्य तय किया गया है और 2025 तक 30 फीसद। लेकिन गेट्स (जीएटीएस) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2009-10 के मुकाबले 2016-17 में तंबाकू सेवन में 17 फीसद की कमी देखी गई है। मैथ्यू बताते हैं कि 15 से 17 साल की उम्र में तंबाकू सेवन करने वालों में 54 फीसद और 18 से 24 साल की उम्र वाले वयस्कों में 28 फीसद तक की कमी देखी गई है।
कैंसर के विज्ञापनों से पड़ा असर
मैथ्यू बताते हैं कि सर्वेक्षण की रिपोर्ट में पता चला है कि तंबाकू के पैकेट पर कैंसर के चित्र छापने के जो आदेश सरकार की ओर से दिए गए थे उसने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसकी वजह से 61.9 फीसद वयस्कों ने धूम्रपान, 53.8 फीसद वयस्कों ने बीड़ी और 46.2 फीसद लोगों ने अन्य तंबाकू को छोड़ दिया। यही नहीं, 55 फीसद धूम्रपान करने वाले और 50 फीसद अन्य तंबाकू का सेवन करने वाले युवा भी तंबाकू छोड़ना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश में बढ़ रहा तंबाकू से जुड़ी बीमारियों का खर्च वीएचए के सलाहकार जेपी शर्मा बताते हैं कि इकोनॉमिक बर्डन ऑफ टोबैको 2014 की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने तंबाकू से होने वाली बीमारियों पर 104500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
इसमें 7535 करोड़ रुपए सिर्फ उत्तर प्रदेश (यूपी) में खर्च हुए हैं। शर्मा बताते हैं कि दो साल पहले यूपी तंबाकू को प्रतिबंधित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन यह मामला फिलहाल अटक गया है। वाणिज्य कर उत्तर प्रदेश के संयुक्त निदेशक से मिली जानकारी के अनुसार तंबाकू पर लगे कर से राज्य सरकार ने सिर्फ 461.46 करोड़ रुपए कमाए हैं 2015-16 में 507.25 करोड़ रुपए था। शर्मा बताते हैं कि युवाओं में तंबाकू सेवन रोकने के लिए हुक्का बारों पर सख्ती जरूरी है क्योंकि हुक्का बारों में बिना पंजीकरण के धूम्रपान होता है।
दिल की बीमारी बढ़ा रहा तंबाकू
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से इस बार विश्व तंबाकू दिवस की थीम तंबाकू और हृदय संबंधी बीमारियों को बनाया गया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि दिल से जुड़ी बीमारियों में तंबाकू 40 फीसद से अधिक कारण बनता है। इसका असर देखा भी जा सकता है। युवाओं को कम उम्र में ही दिल संबंधी बीमारियां होने लगी हैं।
जीएटीएस की रिपोर्ट खुश करती है क्योंकि…
सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान का सेवन 29 फीसद से 23 फीसद पर आ गया है।
घरों में द्वितीय प्रकार के धूम्रपान का सेवन 52 फीसद से 39 फीसद पर आ गया है।
92 फीसद युवा मानते हैं कि द्वितीय प्रकार का धूम्रपान सबसे ज्यादा घातक है।
2009-10 के मुकाबले 2016-17 में सिगरेट व तंबाकू के दाम दो से तीन गुना बढ़े हैं।

