दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी से हरियाणा का मनोहर लाल खट्टर सरकार को मनाने की अपील की है। दरअसल दिल्ली सरकार को डर है कि 21 मई से हरियाणा सरकार दिल्ली को सप्लाई किए जाने वाले पानी में कटौती कर सकता है, जिससे दिल्ली में पानी की भारी किल्लत होने की आशंका है। यही वजह है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इन आशंकाओं के चलते पीएम मोदी को पत्र लिखकर हरियाणा सरकार को पानी में कटौती ना करने के लिए मनाने की अपील की है।

क्या है मामलाः दरअसल कुछ समय पहले दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि हरियाणा, दिल्ली को मिलने वाली पानी की सप्लाई में कटौती कर रहा है। इस पर दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 23 अप्रैल को दिए अपने फैसले में दिल्ली और हरियाणा के मुख्य सचिवों को केन्द्र के साथ बैठकर इस मसले को सुलझाने का आदेश दिया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया था कि वह 21 मई तक दिल्ली को पिछले 22 सालों से की जा रही पानी की सप्लाई जारी रखे। वहीं दिल्ली सरकार को अपर यमुना नदी बोर्ड को दोनों प्रदेशों के बीच पानी के बंटवारे पर न्यायिक फैसला देने के लिए मनाने का आदेश दिया था। अब चूंकि दिल्ली सरकार अभी तक अपर यमुना नदी बोर्ड को पानी के बंटवारे के लिए कोई न्यायिक फैसला देने के लिए नहीं मना सकी है, वहीं 21 मई के बाद हरियाणा सरकार पानी की सप्लाई में कटौती कर सकती है। यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल ने अब पीएम मोदी को पत्र लिखकर 21 मई के बाद पानी की सप्लाई में कटौती ना करने की अपील की है।

(image source-ANI)
(IMAGE SOURCE-ANI)

क्या लिखा है पत्र मेंः अरविंद केजरीवाल ने पीएम को भेजी चिट्ठी में लिखा है कि दिल्ली पिछले 22 सालों से हरियाणा से 1133 क्यूसेक पानी पा रहा है। चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा को 21 मई तक ही पानी की निर्बाध सप्लाई का आदेश दिया था ऐसे में हरियाणा 21 मई के बाद पानी की सप्लाई में कटौती कर सकता है। ऐसे में आप हरियाणा सरकार के साथ अच्छे संबंधों के चलते उन्हें पहले की तरह ही पानी की सप्लाई जारी रखने को कहें, ताकि दिल्ली में पानी की किल्लत ना होने पाए। सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह भी लिखा है कि हरियाणा द्वारा पानी की कटौती करने के कारण चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे एनडीएमसी के इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो सकती है, जिनमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, एंबेसी और रेलवे स्टेशन, अस्पताल जैसी जगह शामिल हैं।