पंकज रोहिला

कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने के फैसले को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपना अहम चुनावी हथियार बनाएगी। ऐसी करीब 1731 कॉलोनियों को नियमित करने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने अपनी मंजूरी दी है। अब पार्टी हाईकमान को चिंता है कि अन्य मुद्दों की तरह यह मुद्दा आम आदमी पार्टी (आप) भी भुना सकती है। हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में एक विशेष अभियान शुरू करने के फरमान जारी किए हैं। यह अभियान सभी निगम वार्ड में शुरू होगा। भाजपा समझाएगी कि किस प्रकार से इन कॉलोनियों को पक्का होने का दर्जा मिलेगा।

इन कॉलोनियों में यह मुहिम तीन नवंबर से शुरू होगी और 13 नवंबर तक चलाई जाएगी। इसमें कॉलोनियों के लोगों तक इन्हें पक्का करने की प्रक्रिया और भाजपा के प्रयासों से अवगत कराया जाएगा। पार्टी ने इसके लिए सभी निगम पार्षदों को तुरंत काम शुरू करने के आदेश दिए हैं ताकि दिल्ली के चुनाव के लिए जनता के मन को टटोला जा सके। अब तक चुनावी जमीन पर केवल आम आदमी पार्टी ही नजर आ रही है और हाल ही में कांग्रेस में नई तैनाती के बाद कुछ सक्रिय नजर आई है। ऐसे 1797 कॉलोनियां थीं जिसमें से अब तक 1731 की अड़चनें दूर हुई हैं।

अब तक इन कॉलोनियों को कांग्रेस के बड़े वोट बैंक के तौर पर जाना था। कांग्रेस सरकार ने आखिरी कार्यकाल से पहले अस्थायी प्रमाणपत्र जारी किए थे। इस वजह से तीसरी बार दिल्ली में कांग्रेस की वापसी हुई थी। लेकिन बाद में इन क्षेत्रों से आम आदमी पार्टी को अधिक वोट डाला था। इसलिए इन कॉलोनियों पर तीनों ही पार्टियों का ध्यान केंद्रीत रहेगा। सरकार इन कॉलोनियों को नियमित करने के लिए यह पहले ही तय कर चुकी है कि इन कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया में केवल 0.5 फीसद सर्किल रेट ही वसूला जाएगा। भाजपा नेताओं को यह भी स्पष्ट किया गया है कि वे कॉलोनियों की साफ-सफाई और अंदर की कॉलोनियों में गलियों में कामकाज की व्यवस्था को बेहतर बनाए।

यह कामकाज ही आने वाले दिनों में दिल्ली में भाजपा के लिए सरकार का रास्ता खोल सकता है। इसके अतिरिक्त पार्टी नेताओं का यह भी आदेश दिए हैं कि जो लोग आज भी मतदाता सूची के दायरे से बाहर रह गए हैं। उन लोगों को जोड़ने के लिए हर वार्ड स्तर पर कार्य शुरू किया जाए। इनमें युवा व पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को केंद्रीत कर योजनाएं लागू की जाएं। इसकी मदद से भाजपा अपने मूल कैडर के साथ नए मतदाताओं को जोड़कर अपनी जीत का रास्ता प्राप्त कर सकती है।