आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली के मुख्य सचिव पर हमले के आरोपी विधायक अमानतुल्ला खान ने अब उप राज्यपाल अनिल बैजल पर हमला बोला है। अमानतुल्ला खान ने कहा है कि एलजी जान बूझकर दिल्ली वक्फ बोर्ड का गठन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि उप राज्यपाल अनिल बैजल बोर्ड का पुनर्गठन करने के इच्छुक ही नहीं है। बता दें कि करप्शन के आरोपों के बाद साल 2016 में दिल्ली वक्फ बोर्ड को तत्कालीन उप राज्यपाल नजीब जंग ने भंग कर दिया था। अब फिर से वक्फ बोर्ड का गठन करने की प्रक्रिया चल रही है और उसे उप राज्यपाल की मंजूरी मिलने का इंतजार है।
पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग ने अक्तूबर 2016 में दिल्ली वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया था और बोर्ड में हुई अनियमितताओं की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जंग ने आप विधायक अमानतुल्ला खान की अध्यक्षता वाले बोर्ड के कामकाज में प्रक्रियात्मक ‘‘अनियमितताओं’’ और कथित ‘‘भ्रष्टाचार’’ की जांच के लिए मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक पिछले महीने बार काउंसिल कोटा से बोर्ड के लिए हिमाल अख्तर के चुनाव के साथ ही बोर्ड के पुनर्गठन में अंतिम बाधा दूर हो गई। अब उप राज्यपाल की मंजूरी और निर्वाचित एवं नामित सदस्यों के लिए अधिसूचना का इंतजार है।
आप विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आप नेताओं ने विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाया था लेकिन उस पर कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि ऐसा लगता है कि लेफ्टिनेंट गवर्नर वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन नहीं करना चाहते हैं। हालांकि, आप विधायक के आरोपों पर राजनिवास की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इसी साल जनवरी में अमानतुल्ला खान ने वक्फ बोर्ड के सदस्य पद से भी इस्तीफा दे दिया था और आरोप लगाया था कि उनकी वजह से ही उप राज्यपाल बोर्ड का गठन नहीं कर रहे हैं। करीब डेढ़ साल से वक्फ बोर्ड के चेयरमैन का पद खाली है।
