राजनीतिक गलियारों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया में इस तरह की खबरें आईं कि दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों के लिए कांग्रेस और आप किसी चुनाव पूर्व गठबंधन का संभावनाएं तलाश रही है। पीएम नरेंद्र मोदी की लहर को आम चुनाव 2019 में बेअसर करने और हाल के उपचुनावों में विपक्षी गठबंधन से बीजेपी को मिली शिकस्त के मद्देनजर इन अटकलबाजियों को और ज्यादा बल मिला है। खास बात यह है कि दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने शुरुआती तौर पर इस तरह की अटकलबाजी को खारिज किया है। दरअसल, कुछ लोगों के लिए इस संभावना पर विचार करना भी हैरानी का कारण हो सकता है क्योंकि पूर्व में दोनों पार्टियों के रिश्ते बेहद तल्ख रहे हैं। अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के सभी नेता यूपीए और दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, इन अटकलों में संभावना देखने वालों का कहना है कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीट पर बीजेपी के कब्जे और भविष्य में राजनीतिक अस्तित्व बचाने के मद्देनजर दोनों पार्टियां साथ आने पर विचार कर सकती हैं।
अटकलें तो यहां तक हैं कि पंजाब जैसे राज्य में दोनों पार्टियां साथ आ सकती हैं। पंजाब में कांग्रेस की सरकार है, जब आम आदमी पार्टी मुख्य विपक्षी पार्टी है। उधर, दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख अजय माकन और आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे के बीच टि्वटर पर हुई बहस ने अटकलबाजी को तेज कर दिया है। जहां माकन ने तीन सीटों को लेकर ऐसे किसी ‘कथित ऑफर’ को सिरे से खारिज किया, वहीं आप प्रवक्ता ने कहा कि एक सीट को लेकर चर्चाएं हुई हैं। इससे उन कयासों को हवा मिली, जिनके मुताबिक ऐसी किसी संभावना को लेकर कांग्रेस में उच्च स्तरीय बातचीत भी हुई। माकन ने कहा कि जब दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को लगातार खारिज करती रही है, ऐसे में वे उनके बचाव में क्यों आएंगे? माकन ने आरोप लगाया कि आरएसएस और टीम अन्ना के साथ मिलकर केजरीवाल ने जो किया, उससे 2014 के आम चुनाव से पहले बीजेपी का उदय हुआ।
On “so called” offer of AAP to Congress for 3 seats,look at my reply to Kejriwal!
When the people of Delhi are continuously rejecting Kejriwal Govt, why should we come to their rescue?
After all, Kejriwal with team Anna supported by RSS, helped in creating this monster of Modi! pic.twitter.com/D8IwcqF0t9
— Ajay Maken (@ajaymaken) June 1, 2018
.@ajaymaken जी! कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता 'आम आदमी पार्टी' के संपर्क में हैं, और वे हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में हमारा साथ/सहयोग चाहते हैं, और दिल्ली में हमसे वे एक सीट मांग रहें हैं. https://t.co/q8v6Xyujr1
— Dilip K. Pandey – दिलीप पाण्डेय (@dilipkpandey) June 1, 2018
अटकलें यूं ही नहीं लग रहीं। केजरीवाल ने हाल ही में कहा था कि लोग मनमोहन सिंह जैसे पढ़े लिखे प्रधानमंत्री को मिस करते हैं। कभी मनमोहन को यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार का चेहरा बताने वाले केजरीवाल की ओर से ऐसा बयान आना कई को चौंका गया। इसके अलावा, केजरीवाल कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस के गठबंधन से बनी सरकार के शपथग्रहण कार्यक्रम में भी पहुंचे। केजरीवाल ने अजय माकन के बेटे को दसवीं में अच्छे नंबर आने के लिए टि्वटर के जरिए सार्वजनिक तौर पर बधाई दी। एक अन्य राजनीतिक घटनाक्रम के तहत आप ने पार्टी के पांच नेताओं को दिल्ली की पांच लोकसभा सीट का इंचार्ज बनाया। हालांकि, पश्चिमी दिल्ली और नई दिल्ली सीट के लिए किसी प्रभारी का ऐलान नहीं किया गया। इसके बाद बीजेपी नेता विजेंदर गुप्ता ने कहा कि बाकी दो सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई हैं।
People missing an educated PM like Dr Manmohan Singh
Its dawning on people now -“PM तो पढ़ा लिखा ही होना चाहिए।” https://t.co/BQTVtMbTO2
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 31, 2018
Many Thanks Arvind ji for your good wishes!
Aujaswi and I are delighted!As a parent both of us know that nothing can be as joyful as basking in the reflected glory of academic accomplishments of our children!
— Ajay Maken (@ajaymaken) May 30, 2018
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कांग्रेस के एक धड़े को लगता है कि केजरीवाल के साथ जाना पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं, कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आप के साथ गठबंधन नई दिल्ली सीट पर अजय माकन की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। वहीं, आम आदमी पार्टी 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली धमाकेदार जीत के बाद से उतार की ओर है। हाल ही में पंजाब उप चुनाव में आप के प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई। किसी गठबंधन को लेकर दोनों पार्टियों की असल मुश्किल यह है कि दोनों ही एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते रही है। उधर, गठबंधन की अटकलों पर आप के बागी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। वहीं, कुमार विश्वास ने भी उस ट्वीट को लाइक किया, जिसमें यूजर ने कहा कि आप के कांग्रेस के सामने झुकने की राह में सबसे बड़ी बाधा कुमार विश्वास थे।
Cong – AAP Alliance
गठबंधन नहीं फ़ट बंधन हैंकेजरीवाल हो रहे हैं डेस्पेरेट
कांग्रेस खेल रही हैं वॉच एंड वेट pic.twitter.com/DUPhaZb3mQ— Kapil Mishra (Modi Ka Pariwar) (@KapilMishra_IND) June 2, 2018
Any doubts left? why a shameful conspiracy was being hatched since long against @DrKumarVishwas
He's the strongest hinderance for AAP in bowing down to Congress against whom the party was born..https://t.co/bRYdrCbIAR
— Kapil Khaneja (@KapilKhaneja) June 1, 2018
