हैंडबैग चुराकर भाग रहे एक शख्स को पकड़ने के लिए मां-बेटी ने कथित तौर पर चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। इसी दौरान दूसरी तरफ से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में हुई इस घटना से हर कोई हैरान रह गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोनों पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली है। घटना शनिवार (3 अगस्त) की बताई जा रही है।

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन के पास शनिवार तड़के 3 बजकर 40 मिनट पर यह घटना हुई। मृतकों की पहचान 47 वर्षीय मीना सपन और उसकी 19 वर्षीय बेटी मनीषा के रूप में हुई। दोनों हजरत निजामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कोटा जाने के लिए सवार हुई थीं। मां-बेटी के साथ 24 साल का बेटा आकाश भी यात्रा कर रहा था। सभी एस-2 कोच में सवार थे।

आकाश ने मीडिया को बताया, ‘हम मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी के लिए मनीषा को कोटा के कोचिंग सेंटर में एडमिशन दिलाने जा रहे थे। जब यह घटना हुई तब मैं सोया हुआ था।’ प्राप्त जानकारी के मुताबिक आकाश ने जीआरपी को एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा 392 (लूट) और 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

मथुरा जंक्शन जीआरपी थाने के एसएचओ राजेश दुबे ने कहा, ‘सहयात्री ने महिला को बताया कि एक चोर उसका पर्स चुराने के बाद चेन पुलिंग कर उतर गया। यह सुनते ही महिला दौड़ी और वह चोरों को पकड़ने के लिए ट्रेन से कूद गई। उसे बचाने के लिए बेटी भी कूद गई। इसी दौरान वे दूसरी तरफ से आ रही उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति की चपेट में आ गईं। पूरे घटनाक्रम के दौरान आकाश सोया हुआ था उसे बाद में सहयात्रियों ने घटनाक्रम की जानकारी दी। हैंडबैग में 4 हजार रुपए, एटीएम कार्ड और कुछ कॉस्मेटिक्स रखे हुए थे।’