साउथ दिल्ली के एक सरकारी स्कूल की 20 से अधिक स्टूडेंट्स ने दिल्ली कमीशन फॉर वुमेन (DCW) से अपनी समस्या सांझा करते हुए बताया कि उनके स्कूल के लड़के ही उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं। पीड़ित छात्राओं ने बताया कि लड़के उन्हें देख कर सीटी बजाते हैं और कई बार घर तक उनका पीछा भी करते हैं।

डर के नहीं जातीं स्कूल: दरअसल टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार (27 अप्रैल) को दिल्ली कमीशन फॉर वुमेन (DCW) चीफ स्वाति मालीवाल अपनी टीम के साथ साउथ दिल्ली के एक इलाके में पहुंची। तब स्वाति को वहां मौजूद कुछ महिलाओं ने बताया कि उनके पति शराब पीने के बाद उनके साथ मारपीट करते हैं। वहीं शराब भी वहां उनके इलाके में खुली बिकती है। महिलाओं ने शिकायत करते हुए कहा कि पुलिस को शिकायत करने के बाद भी समस्या का कोई हल नहीं हुआ है। चूंकि सभी आरोपी लोग इलाके के जाने माने चेहरे हैं।

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छात्राओं ने की शिकायत: डीसीडब्ल्यू की टीम जहां उन महिलाओं की समस्या सुन रही थी तब वहां पर स्कूल से लौटती हुईं छात्राएं रुक गईं और बातें सुनने लगीं। इस बीच कुछ छात्राओं ने स्कूल में लड़कों द्वारा छेड़छाड़ की बात शेयर करते हुए पीड़ित छात्राओं ने बताया कि कई बार वो हरासमेंट से डरकर और उससे बचने के लिए स्कूल तक नहीं जाती हैं। छात्राओं ने बताया कि छेड़छाड़ करने वाले छात्रों में से कुछ की उम्र करीब 11 वर्ष भी है। वहीं पीड़ित छात्राओं ने कहा कि हम डर के चलते घर पर नहीं बताते हैं क्योंकि ऐसा न हो कि घर वाले स्कूल भेजना ही बंद कर दें।

सीनियर छात्रों ने लिखे लव लेटर: पीड़ित छात्राओं ने बताया कि स्कूल के कुछ सीनियर छात्रो ने लव लेटर भी लिखे हैं। वहीं लड़कियों को देखकर सीटी बजाना तो उनके लिए आम बात हो गई है।लेकिन स्कूल की तरफ से कभी कोई एक्शन नहीं लिया गया। पीड़ित छात्राओं की बात सुनकर स्वाति ने तुरंत लोकल पुलिस से मामला दर्ज करने और एक्शन लेने की बात कही।

 

दिल्ली कमीशन फॉर वुमेन (DCW) चीफ स्वाति मालीवाल का क्या है कहना: इस पूरे मामले पर स्वाति ने कहा- ‘लड़कियां अक्सर शर्मिदां होने के डर से यह बातें स्कूल और घर पर परिजनों को नहीं बता पाती हैं।’ इसके साथ ही स्वाति ने कहा- ‘स्कूल को लड़कियों और लड़कों की काउंसलिंग पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही हम सभी को चाइल्ड अब्यूस के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है।’