महाराष्ट्र में मचे बवाल के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है किगुजरात के वडोदरा में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात हुई थी। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि कई मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि एकनाथ शिंदे कल रात गुवाहाटी से दिल्ली और फिर दिल्ली से वडोदरा गये। कल रात ही 10:30 बजे देवेंद्र फडणवीस को भी मुंबई एयरपोर्ट पर भी देखा गया था।
चर्चा है कि वडोदरा में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की मुलाकात हुई है। इस दौरान वडोदरा शहर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। फिलहाल शिंदे की किसी नेता से मुलाकात की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच शनिवार को बागी नेता एकनाथ शिंदे ने एक ट्वीट में अपील करते हुए कहा, “आप अच्छी तरह से समझें, MVA के खेल को पहचानिए। मैं शिवसेना और शिवसैनिकों को एमवीए के अजगर के चंगुल से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहा हूं। यह लड़ाई आप सभी शिवसैनिकों के लाभ के लिए है।”
वहीं शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने के बाद पत्रकारों से आदित्य ठाकरे ने कहा, ”यह लड़ाई सच और झूठ के बीच है, और इसमें जीत हमारी होगी।” महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने बागी विधायकों को लेकर कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि हम शिवसेना के बागी विधायकों द्वारा किए गए विश्वासघात को नहीं भूलेंगे। हम (शिवसेना) निश्चित रूप से जीतेंगे।
शिवसेना नेता संजय राउत ने बागी विधायकों से कहा है कि वे शिवसेना के नाम पर वोट न मांगे। इस पर बागी विधायक दीपक केसरकर ने पलटवार करते हुए कहा कि हम भी इसी संगठन के सदस्य हैं। दरअसल संजय राउत ने कहा, “उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जो लोग छोड़कर गए हैं, वे शिवसेना के नाम से वोट मत मांगे और अगर वोट मांगते हैं तो अपने खुद के बाप के नाम पर मांगे। शिवसेना के बाप बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट मत मांगे।”
इसपर बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा, “संजय राउत ने जो बात कही हम इस बारे में जरूर सोचेंगे। हमारा नाम तो शिवसेना ही है, अगर उन्हें लगता है कि उसमें कुछ नहीं जोड़ना तो हम उसको शिवसेना बोलेंगे, हम उनका आदर करेंगे।”
केसरकर ने कहा कि उनका संगठन कोई नहीं तोड़ रहा है, हम भी उस संगठन के सदस्य हैं, कल भी रहेंगे। जब उद्धव ठाकरे को हक़ीक़त का पता चलेगा तब वो शायद ये निर्णय लें कि हमने जो किया था वो लोगों को सही नहीं लग रहा तो हम अपना निर्णय बदलते हैं, वो नेता हैं कुछ भी कर सकते हैं।
Maharashtra Political Crisis: एकनाथ शिंदे शिवसेना के विधायकों की संख्या को बढ़ाते जा रहे हैं। उद्धव ठाकरे और संजय राउत कैसे भी करके पार्टी को टूट से बचाने में लगे हैं। हाईलाइट्स
शिवसेना छोड़ बागी बने पार्टी के कई विधायकों पर कार्रवाई की तैयारी है। शिवसेना 16 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। इसपर प्रदेश के डिप्टी स्पीकर ने एडवोकेट जनरल से कानूनी सलाह मांगी है। बागी विधायकों के खिलाफ सीएम उद्धव ठाकरे भी सख्त हो गए हैं और यह लड़ाई आर-पार की हो गई है।
बागी विधायकों पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा, “बालासाहेब ठाकरे के निधन (2012 में) के बाद उन्हें दो बार मंत्री बनाया गया था। आपको ठाकरे का नाम अपनी राजनीति से बाहर रखना चाहिए। आप को देखना चाहिए कि क्या आप अपना अस्तित्व बचा सकते हैं। कोई भी ठाकरे को शिवसेना से अलग नहीं कर सकता है।” उद्धव ने कहा कि पार्टी को कई बार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन जीत या हार किसी की मनःस्थिति पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मान लें कि हमारे साथ कोई नहीं है, तो उनको एक नई शिवसेना बनानी है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी सरकार पर मंडराते राजनीतिक संकट से लड़ने के प्रति दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा। कहा कि विद्रोही नेता का बेटा लोकसभा सांसद है, तो क्या उनके बेटे आदित्य ठाकरे को राजनीतिक रूप से आगे नहीं बढ़ना चाहिए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि विधानसभा चुनावों में हमने ऐसे लोगों को टिकट दिया जो जीत नहीं सकते थे, लेकिन उन्हें जीत दिलाई, लेकिन बदले में उन्होंने हमारे साथ धोखा किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और एनसीपी आज हमारा समर्थन कर रहे हैं। शरद पवार और सोनिया गांधी ने हमारा समर्थन किया है. लेकिन हमारे ही लोगों ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है।
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे शुक्रवार सुबह आरोप लगाया कि बीजेपी का मकसद शिवसेना को समाप्त करना है, क्योंकि वह नहीं चाहती कि हिंदू वोट बंटें। उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे को चुनौती दी कि वे शिवसेना के कार्यकर्ताओं और पार्टी को वोट देने वाले लोगों को अपने पाले में करके दिखाएं। लेकिन शाम होते-होते उद्धव का लहजा नर्म हो गया। उन्होंने भावुक भरा संदेश जारी किया और एक बार फिर कहा कि उन्हें पद से कोई लोभ नहीं है।
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों की बगावत को लेकर कहा कि आज कांग्रेस और एनसीपी शिवसेना का समर्थन कर रही है, लेकिन अपनों ने साथ छोड़ दिया। उन्होंने कहा- “शरद पवार और सोनिया गांधी ने हमारा समर्थन किया है। लेकिन हमारे ही लोगों ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है। हमने ऐसे लोगों को टिकट दिया जो जीत नहीं सकते थे और हमने उन्हें विजयी बनाया। उन लोगों ने आज हमारी पीठ में छुरा घोंपा है”।
सीएम उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों से कहा है कि राज्य में जारी राजनीतिक संकट के कारण लोगों के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों को नहीं रोका जाना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना के बागी गुट के विधायक विधानसभा के डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरावल को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। बागी गुटों की बैठक में इस पर फैसला लिया गया है।
सीएम उद्धव ठाकरे के साथ बैठक के बाद शरद पवार मातोश्री से बाहर आए। हालिया राजनीतिक संकट के बीच आज शाम एनसीपी प्रमुख मातोश्री पहुंचे थे।
गुवाहाटी के होटल में और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुरक्षा बंदोबस्त पर नजर रख रहे हैं।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार, डिप्टी सीएम अजीत पवार, कैबिनेट मंत्री जयंत पाटिल और पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल मातोश्री (ठाकरे निवास) में सीएम उद्धव ठाकरे के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बीच, संजय राउत भी मातोश्री पहुंच चुके हैं।
महाराष्ट्र पुलिस की तरफ से कहा गया है कि राज्य के सभी पुलिस थानों, खासकर मुंबई के पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवसैनिक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर सकते हैं। शांति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार, डिप्टी सीएम अजीत पवार, कैबिनेट मंत्री जयंत पाटिल और पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल मातोश्री (ठाकरे निवास) पहुंचे हैं।
शिवसेना नेता सचिन अहीर ने कहा कि आज हमने ज़िला नेताओं के साथ पार्टी की बैठक की। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के भाषण के बाद पार्टी नेताओं में उत्साह है। विधायक भले यहां न हों लेकिन पार्टी बरकरार है। पार्टी का पूरा आधार है और इसी भावना के साथ हम लड़ेंगे।
शिवसेना नेता अनिल सिंह ने कहा कि जिन गद्दारों ने ठाकरे परिवार को धोखा दिया है, उसे माकूल जवाब दिया जाएगा. सरकार चल रही है और चलती रहेगी।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “हम शिव सैनिक है, हम लड़ेंगे और जीतेंगे। वे (बागी विधायक) जो कर रहे हैं वह कानूनी और राजनीतिक रूप से संभव नहीं है। शिवसेना के साथ ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। पहले भी ऐसा हुआ था लेकिन सब बेकार साबित हुआ।”
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने सेना भवन में मौजूद जिला नेताओं के साथ बैठक की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए सीएम।
नीलम गोऱ्हे ने कहा कि गुवाहाटी में मौजूद बागी विधायकों के लिए एकमात्र विकल्प यह है कि वे अपना गुट बनाएं। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे और हिंदुत्व के सिद्धांतों के साथ विश्वासघात किया है।
बीजेपी एमएलसी प्रवीण दारेकर ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर उस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, जिसमें कहा गया है कि एमवीए सरकार संदिग्ध रूप से योजनाओं, परियोजनाओं और ठेके देने से संबंधित एक के बाद एक तेजी से निर्णय ले रही है।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जितने विधायक हैं मैं उनको असम में आने के लिए आमंत्रित करता हूं। मुझे नहीं पता कि कब महाराष्ट्र में सरकार बनेगी लेकिन वह (विधायक) जितने दिन भी रहेंगे वह मेरे लिए खुशी की बात है। मैं उद्धव ठाकरे जी को भी छुट्टियों के लिए बुलाना चाहता हूं।
महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष ने विधायक अजय चौधरी को राज्य विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में नियुक्त करने के शिवसेना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस संबंध में डिप्टी स्पीकर कार्यालय की ओर से शिवसेना कार्यालय को पत्र भेजा गया है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हम नहीं झुकेंगे। हम सदन में फ्लोर टेस्ट जीतेंगे। अगर यह लड़ाई सड़कों पर लड़ी गई तो हम उसे भी जीतेंगे। जो चले गए उन्हें हमने मौका दिया लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। मैं उन्हें सदन में वापस आने के लिए चुनौती देता हूं। एमवीए सरकार बाकी 2.5 साल पूरे करेगी।
महाराष्ट्र में सियासी संग्राम के बीच एकनाथ शिंदे ने गुवाहाटी छोड़ने की अफवाहों पर विराम लगा दिया है। शिवसेना के बागी नेता ने मुंबई जाने की खबरों पर स्पष्ट किया कि अभी वो गुवाहाटी में ही हैं।
गुवाहाटी में शिवसेना के बागी विधायकों के होटल में ठहरने को लेकर असम कांग्रेस प्रमुख भूपेन कुमार बोरा ने एकनाथ शिंदे को राज्य छोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने महाराष्ट्र के शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर “राज्य के हित में” जल्द से जल्द असम छोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि आपकी उपस्थिति के चलते असम बदनाम है।
जनसत्ता डॉट कॉम के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि उनके साथ शिवसेना के सिंबल पर चुनाव लड़े 40 विधायकों का समर्थन और 12 अन्य भी उनके साथ हैं। एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनके साथ गुवाहाटी में कुल 52 विधायक हैं। शिवसेना के बागी विधायकों का अगला कदम क्या होगा? इस पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करने के बाद इस पर विचार करेंगे। पार्टी के सवाल पर शिंदे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी तक पार्टी नहीं छोड़ी है और वह अब भी शिवसेना में ही हैं।
शिवसेना समर्थकों ने नासिक में बागी विधायक एकनाथ शिंदे की तस्वीर वाले पोस्टर पर काली स्याही और अंडे फेंके, उनके खिलाफ नारे भी लगाए।
#WATCH Shiv Sena supporters throw black ink and eggs at a poster showing a picture of rebel MLA Eknath Shinde, also raise slogans against him, in Nashik pic.twitter.com/DUtKE2R2S5
— ANI (@ANI) June 24, 2022
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट पर केंद्रीय मंत्री मुख़्तार नक़वी ने कहा कि अब जब सब कुछ लूट गया तब होश में आए हैं…जनादेश का अपहरण तो आप कर सकते हैं, पर सरकार नहीं चला सकते। जनादेश आपके पास था नहीं।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हम हार मानने वाले नहीं हैं। हम जीतेंगे, हम सदन के फ्लोर पर जीतेंगे। अगर लड़ाई सड़क पर हुई तो वहां भी जीतेंगे। हमारा जिसे सामना करना है वह मुंबई में आ सकते हैं। इन्होंने (विधायकों ने) गलत कदम उठाया है। हमने इनको वापस आने का मौका भी दिया लेकिन अब समय निकल चुका।
उनका (उद्धव ठाकरे का) समय चला गया है। उनके पास आखिर में 4-5 विधायक रह सकते हैं बाकि सारे विधायक एकनाथ शिंदे के साथ जाएंगे और सरकार भाजपा-एकनाथ शिंदे की आएगी।
एक चार्टर्ड विमान, तीन लग्जरी बसें और हवाई अड्डे से लगभग एक किलोमीटर दूर होटल – एकनाथ शिंदे के लिए महाराष्ट्र से बागी विधायकों को बाहर निकालना बेहद महंगा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि ताकि शिवसेना को सत्ताधारी गठबंधन महाविकास अघाड़ी से दूर किया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार रात हुई जब मंत्री एकनाथ शिंदे पार्टी के बागी विधायकों के गुट के साथ महाराष्ट्र से बाहर सूरत चले गए और रात होते ही हवाई अड्डे पर एक चार्टर्ड स्पाइसजेट विमान तैयार था। आधी रात को शिंदे और उनके विधायकों को हवाई अड्डे से गुवाहाटी के होटल रेडिसन ब्ब्लू में तीन चार्टड बसें लेकर आ गईं।
