महाराष्ट्र की राजनीति में हुआ कुछ ऐसा जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। महाराष्ट्र के एक नगर निकाय में शासन चलाने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाथ मिला लिया है।

इस अप्रत्याशित गठबंधन ने सभी को चौंका दिया है। हाल ही में हुए महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में एआईएमआईएम की इस अभूतपूर्व सफलता ने अचलपुर और अकोट में भाजपा के साथ हाथ मिला लिया है, जिससे इन वैचारिक मतभेद वाली पार्टियों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। बता दें कि एआईएमआईएम ने राज्य के 29 नगर निगमों में से 13 नगर निगमों में 125 वार्डों में जीत हासिल की है।

किस नगर निगम में दोनों आए साथ?

अमरावती जिले की अचलपुर नगर परिषद में भाजपा और एआईएमआईएम ने शासन चलाने के लिए रणनीतिक गठबंधन किया है। हालांकि महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति में दोनों पार्टियां एक-दूसरे की कट्टर विरोधी हैं, इसके बावजूद, नगर निकाय में दोनों पार्टियां एक साथ आ गई हैं। इस समझौते के तहत, एआईएमआईएम के एक सदस्य को शिक्षा एवं खेल समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इस नए गठबंधन में भाजपा को एआईएमआईएम के तीन पार्षद, एनसीपी (अजीत पवार गुट) के दो पार्षद और तीन निर्दलीय पार्षदों ने अपना समर्थन दिया है।

इस निगम में भी हैं साथ

अचलपुर और अकोट नगरपालिका में बना यह गठबंधन सभी को चौंका रहा है। साथ ही यह भी तय कर रहा है कि राजनीति में कुछ भी संभव है। बता दें कि आकोट में “अकोट विकास मंच” के तहत, स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने एआईएमआईएम पार्षदों के साथ हाथ मिलाया था।

अब यह चलन हिवरखेड़ नगर परिषद तक भी फैल गया है, जहां एक दुर्लभ त्रिपक्षीय गठबंधन देखने को मिला। यहां भी उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार का नाम कांग्रेस सदस्य ने प्रस्तावित किया और एआईएमआईएम सदस्य ने उसका समर्थन किया। इन स्थानीय गठबंधनों की भाजपा के राज्य नेतृत्व ने कड़ी आलोचना की है।

मुख्यमंत्री ने दिखाई नाराजगी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने इन स्थानीय गठबंधनों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इन्हें अनुशासनहीनता बताया है, जिससे पार्टी की छवि धूमिल होती है। सीएम ने दोहराया है कि भाजपा एआईएमआईएम या कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन को बर्दाश्त नहीं करेगी।

भाजपा की राज्य इकाई ने इससे पहले अकोट विधायक प्रकाश भारसकले को एआईएमआईएम के साथ स्थानीय गठबंधन को सुविधाजनक बनाने में उनकी भूमिका के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मुख्यमंत्री ने इन स्थानीय व्यवस्थाओं को भंग करने का आदेश देते हुए कहा, “यदि यह स्थानीय नेतृत्व ने किया है, तो इसे तोड़ना ही होगा।” स्थानीय नेतृत्व को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद, अभी तक जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया है। आगे पढ़िए क्या AIMIM से गठबंधन करेगी समाजवादी पार्टी? शिवपाल यादव ने दिया जवाब

(इनपुट- आईएएनएस)