मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अवधपुरी थाना क्षेत्र के शिव संगम नगर में शुक्रवार (10 मई) की शाम को आवारा कुत्तों के झुंड ने छह वर्षीय बालक को नोच-नोच कर मार डाला। जब कुत्ते बच्चे पर हमला कर रहे थे, उस वक्त उसकी मां सावित्री ने इन कुत्तों से अपने बेटे को छुड़ाने की कोशिश भी की। इस दौरान कुत्तों ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे वह अपने बेटे को बचाने में नाकाम रही। अवधपुरी पुलिस थाने के प्रभारी मांगीलाल भाटी ने शनिवार (11 मई) को बताया, ‘शुक्रवार शाम को शिव संगम नगर में रहने वाले छह वर्षीय बालक संजू को घर के बाहर खेलने के दौरान आवारा कुत्तों का झुंड घसीटकर ले गया और उसे नोच-नोच कर मार डाला।’

उन्होंने मृतक बच्चे के परिजनों के हवाले से बताया, ‘शाम को जब पिता को घर लौटने पर संजू नहीं दिखा तो उन्होंने अपनी पत्नी सावित्री से उसके बारे में पूछा। सावित्री ने बताया कि 15-20 मिनट पहले ही उनका बेटा खेलने निकला था। मां ने घर से निकलकर देखा तो उन्हें संजू तो नहीं दिखाई दिया लेकिन घर से कुछ दूर नाले के किनारे कुछ आवारा कुत्तों का झुंड नजर आया। उनकी गुर्राहट के बीच संजू की चीख सुनाई दी।

कुत्तों को भगाने की कोशिश कीः थाना प्रभारी भाटी ने बताया कि सावित्री ने कुत्तों को भगाने की कोशिश की तो वो उस पर भी लपकने लगे। इसके बाद वह ‘कोई मेरे बच्चे को बचाओ’ चिल्लाते हुए घर की ओर दौड़ी। इस पर उसके पति और अन्य लोगों ने पत्थर मारकर कुत्तों को भगाया। कुत्तों ने मासूम बच्चे को कई जगह नोच दिया था और खून से लथपथ मासूम दर्द से करार रहा था। उन्होंने बताया कि परिजन घायल बालक को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। भाटी ने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

बच्चे के परिजनों ने बताया कि उनके द्वारा इलाके में कुत्तों के आतंक के बारे में भोपाल नगर निगम के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और उन्होंने इलाके से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। मालूम हो कि इससे पहले 1 फरवरी 2018 को भी शहर के गौतम नगर इलाके में डेढ़ साल के बच्चे को कुत्तों के झुंड ने उसी के घर के पास नोच-नोच कर मार डाला था। ठीक इसी तरह से पिछले साल 20 सितंबर को भी आवारा कुत्तों के झुंड ने शहर के गोकुल धाम इलाके में छह वर्षीय बच्चे पर हमला किया था और उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। इसी बीच, भोपाल नगर निगम आयुक्त बी विजय दत्ता ने स्वीकार किया कि शहर में आवारा कुत्तों के शेल्टर होम की कमी है, जिससे इनके आतंक को रोकने में बाधा आ रही है। उन्होंने कहा कि हम उनके लिए शेल्टर होम बना रहे हैं और इस काम में समय लगता है। हमने इसके लिए बजट का आवंटन बढ़ा दिया है।