साल 2016 में उरी आतंकी हमले के जवाब में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सर्जिकल स्ट्राइक का नेतृत्व करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा है कि सीमा पार जो जवाबी कार्रवाई की गई वो ठीक थी, लेकिन पाकिस्तान पर लंबे समय तक इसकी छाप छोड़ने वाला मौका खो दिया। हुड्डा सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त उत्तरी कमान का नेतृत्व कर रहे थे और वर्तमान में कांग्रेस के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति बना रहे हैं। एक अंग्रेजी अखबार से हुड्डा ने कहा, ‘पुलवाना में हालिया हमला इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान के संबंध में अभी तक बहुत कुछ नहीं बदला है और इस बार जनता का गुस्सा उरी हमले के बाद की तुलना में बहुत अधिक है।’ उन्होंने कहा कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश भेजा था और शुरू में हमें आघात और आश्चर्य का आभास हुआ। हम सैनिकों की चीख पुकार सुनेंगे और उनमें दहशत का माहौल होगा। मुझे लगता है कि हम फॉलो-अप में बेहतर कर सकते थे। हमें मौका का फायदा उठाने चाहिए था और पाकिस्तान पर दबाव बनाए चाहिए था।
बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा को कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। वह राष्ट्रीय सुरक्षा पर पार्टी की ओर से गठित किए जा रहे कार्यबल की अगुवाई करेंगे। कांग्रेस हुड्डा के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा पर कार्यबल का गठन कर रही है जो देश के लिए दृष्टिपत्र तैयार करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की जिस दौरान गांधी ने कार्यबल के नेतृत्व की पेशकश की जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, ‘हुड्डा कार्यबल नेतृत्व करेंगे तथा विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के साथ दृष्टिपत्र तैयार किया जाएगा।’
कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी अध्यक्ष के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, ‘एक मजबूत राष्ट्र और मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में कांग्रेस अध्यक्ष ने एक और सकारात्मक कदम उठाया है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) हुड्डा के अनुभव से देश को दूरगामी लाभ होगा।’ लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान पर हुए सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त सैन्य कमांडर थे जो उत्तरी कमान का अगुआ होता है।र्सिजकल स्ट्राइक के समय वह अभियान की निगरानी कर रहे थे। (एजेंसी इनपुट)
