केरल में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस में गुटबाजी के आरोप लगाए हैं और कहा कि पार्टी में अब जरा भी लोकतंत्र नहीं बचा है। चाको ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजा है।
पीसी चाको ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने केरल के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भी नाराजगी जताई। चाको ने पार्टी की गतिविधियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। चाको ने शिकायत की थी कि उम्मीदवारों के चयन में लापरवाही हुई थी और यह आवंटन समूह के आधार पर किया गया था। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस पार्टी दो धड़ों में बंटी हुई है।
पीसी चाको ने कहा कि वे हाईकमान से दखल देने की गुजारिश करते-करते थक गए हैं। उन्होंने कहा कि केरल कांग्रेस में जो कुछ भी घट रहा है, हाईकमान उसे चुपचाप देख रहा है। वरिष्ठ नेता पीसी चाको के इस्तीफे को चुनावी मौसम में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। चाको, केरल की त्रिशुर संसदीय सीट का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
वे दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी भी रेह चुके हैं। विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें यह ज़िम्मेदारी दी गई थी लेकिन चुनाव में हार के बाद उन्होंने दिल्ली प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें केरला में 6 अप्रैल को मतदान होने हैं। वहीं चुनावों के परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएंगे।
केरला विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई नेता अपना इस्तीफा दे रहे हैं। पिछले हफ्ते पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड में 4 नेताओं का इस्तीफा हुआ था। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य केके विश्वनाथन, केपीसीसी सचिव एमएस विश्वनाथन, डीसीसी महासचिव पीके अनिल कुमार और महिला कांग्रेस नेता सुजाया वेणुगोपाल ने पार्टी से इस्तीफा दिया था।
