कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस सरकार को अपना समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक आर शंकर ने सरकार से अपना समर्थन वापस लेने घोषणा की है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, ‘आज मकर संक्रांति है। इसलिए हम सरकार में एक बदलाव चाहते हैं। सरकार कुशल होनी चाहिए। इसलिए मैं कर्नाटक सरकार से अपना समर्थन वापस लेने जा रहा हूं।’ आर शंकर के अलावा एक और निर्दलीय विधायक एच नागेश ने सरकार से समर्थन वापस लेकर भाजपा के साथ जाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा, ‘गठबंधन सरकार को मेरा समर्थन अच्छी और स्थिर सरकार देने के लिए था जो पूरी तरह से विफल रहा। गठबंधन में दोनों सहयोगियों के बीच कोई आपसी समझ नहीं है। इसलिए, मैंने बीजेपी के साथ स्थिर सरकार स्थापित करने का फैसला किया और देखा कि सरकार गठबंधन से बेहतर प्रदर्शन करती है।’
पिछले कई दिनों से कर्नाटक की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने भाजपा पर उनके सहयोगी विधायकों को खरीद-फरोख्त के जरिए तोड़ने का आरोप लगाया है। भाजपा का भी ऐसा ही आरोप है। सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश के डर से भाजपा पहले ही अपने विधायकों को दिल्ली के पास हरियाणा के नूंह जिले में एक रिसार्ट में ठहराया चुकी है। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा, पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर और शोभा करंदलजे जैसे अन्य वरिष्ठ नेता उन 104 विधायकों में शामिल हैं जो सोमवार से हसनपुर तौरू के नूंह जिले में आईटीसी ग्रांड भारत रिसार्ट में ठहरे हुए हैं। सूत्रों ने कहा कि भाजपा विधायकों को एक जगह रखने और कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की ओर से किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त की कोशिश को रोकने के लिए रिसार्ट में भेजा गया है।
दूसरी तरफ राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का कहना है कि स्थिर सरकार चलाने के लिए उनके पास ‘पर्याप्त संख्या बल’ है। कांग्रेस के छह से आठ विधायक भाजपा के साथ जाने की बात को उन्होंने ज्यादा बल नहीं दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार में ‘अस्थिरता’ का सवाल ही पैदा नहीं होता है। दो विधायकों के समर्थन वापस लेने पर कुमारस्वामी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर दो विधायक अपना समर्थन वापस ले लेते हैं तो नंबर क्या होंगे? मैं पूरी तरह रिलेक्स हूं। मुझे मेरी ताकत पता है। पिछले एक सप्ताह से मीडिया में जो कुछ चल रहा है मैं उसका आनंद उठा रहा हूं।
H Nagesh, Independent MLA :My support to coalition govt was to provide good&stable govt which utterly failed. There’s is no understanding among coalition partners. So, I decided to go with BJP to install stable govt & see that govt performs better than the coalition. #Karnataka pic.twitter.com/hcMnaXaHZd
— ANI (@ANI) January 15, 2019
Independent MLA, R Shankar: Today is Makar Sankranti, on this day we want a change in the govt. The govt should be efficient, so I am withdrawing my support (to the Karnataka govt) today. pic.twitter.com/LscHTp6gJZ
— ANI (@ANI) January 15, 2019
2 Independent MLAs, H Nagesh and R Shankar, withdraw their support from Karnataka govt. pic.twitter.com/C34u3BNFOb
— ANI (@ANI) January 15, 2019
