झारखंड के मधुपुर स्थित लालगढ़ में काली मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले में विवाद मारपीट तक पहुंच गया और बीजेपी के कई नेताओं FIR भी दर्ज हो गई। मधुपुर के लालगढ़ में काली माता के मंदिर का जीर्णोद्धार द्वारा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दलित हिंदू परिवार इसका जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। मंदिर जीर्णोद्धार का एक विशेष समुदाय ने विरोध किया और इसके बाद काम रोक दिया गया। मारपीट और तनाव की घटना सामने आई और इसके बाद बीजेपी के कई नेताओं पर प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कर दिया।

2 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज

पूर्व बीजेपी विधायक रणधीर सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष सचिन रवानी समेत 12 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी पर आरोप है कि यह लोग दंगा भड़काने की नीयत से लालगढ़ पहुंचे और महिलाओं के साथ मारपीट की। सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि दलितों पर भी मुकदमा हुआ है।

शिकायत करने वालों के नाम मोहम्मद तसलीम, अनवर और नासिर है। बता दें कि जब यह खबर आई कि मंदिर निर्माण के खिलाफ विशेष समुदाय आवाज उठा रहा है, इसके बाद झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 11 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसका नेतृत्व रणधीर सिंह को सौंपा गया था और यह जांच के लिए लालगढ़ गई थी। लेकिन इसी दौरान पूरा विवाद शुरू हो गया। इस घटना में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद निशिकांत दुबे और झारखंड सरकार में मंत्री हफीज अंसारी आमने-सामने हैं। निशिकांत दुबे ने लालगढ़ में काली मंदिर निर्माण का ऐलान भी कर दिया है।

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हफ़ीज अंसारी पर निशिकांत ने लगाया आरोप

निशिकांत दुबे ने X पर एक पोस्ट में कहा, “ये हफ़ीज अंसारी झारखंड सरकार का मंत्री बद दिमाग हो गया है ।अपने रिश्तेदारों से गौ हत्या,तस्करी रोकने के कारण मेरे उपर बांग्लादेशी बोलने का झूठा मुकदमा दर्ज कर हिन्दू मुस्लिम के नाम पर केस करवाया, झारखंड हाई कोर्ट ने झूठे मुकदमे दर्ज करने के लिए जुर्माना और लताड़ लगाया । लालगढ में मंदिर बनाने के लिए हिंदू के साथ मारपीट करवाया,अब गरीब अनुसूचित जाति के लोगों तथा हमारे बीजेपी जिला अध्यक्ष सचिन जी,नगर अध्यक्ष रवि जी, पूर्व मंत्री रणधीर जी और हमारे मधुपुर के नेता गंगा जी पर दो दो केस दर्ज करवाया। जितनी ताक़त है लड़ो, हम मंदिर बनाएंगे, हिन्दू कमजोर नहीं है,मुक़ाबला करेंगे।”

हाफिज अंसारी जेएमएम से विधायक हैं और झारखंड सरकार में मंत्री हैं। उनके पास जल और अल्पसंख्यक विभाग है। हाफिज अंसारी ही मधुपुर से विधायक भी हैं। इसके पहले हाफिज अंसारी संविधान से पहले शरीयत वाला बयान देकर चर्चा में आए थे।

निशिकांत दुबे का बड़ा ऐलान

इसके बाद निशिकांत दुबे ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “31 जनवरी 2026 सुबह 8 बजे माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि मैं खुद लालगढ में आकर मंदिर के रुके हुए कार्य को शुरू करूंगा। मंदिर भव्य, सुंदर और मधुपुर का सबसे ऊंचा बनेगा। अनुसूचित जाति के अपने जमीन पर यदि हिन्दुस्तान में मंदिर नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा। हो जाओ तैयार, हम हैं भगवा के झंडाबरदार।”

इरफ़ान अंसारी ने बीजेपी पर साधा निशाना

वहीं मंत्री इरफ़ान अंसारी ने जवाब देते हुए X पर एक पोस्ट में लिखा, “बीजेपी के लोगों से मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं मधुपुर के आपसी सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास न करें। मधुपुर का अर्थ ही मिठास है। यहाँ नफ़रत फैलाने और ज़हर उगलने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। मधुपुर की संस्कृति हमेशा से प्यार, मोहब्बत, भाईचारे और आपसी सद्भाव की रही है। यहां की आबो-हवा, वातावरण और लोग अमन-पसंद हैं। जो भी बाहर से आता है, उसे यहां मेहमान की तरह सम्मान दिया जाता है, इसी कारण मधुपुर पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। हालिया घटना को जिस प्रकार भाजपा द्वारा अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है, उस पर मैं भाजपा को संयम और मर्यादा में रहने की सलाह देता हूं। दो भाइयों के बीच कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि कोई तीसरा आकर आग लगाने का काम करे। भाजपा यह बात अच्छी तरह समझ ले, आग लगाने के हर प्रयास को शांत करने का तरीका मेरे पास मौजूद है। लालगढ़ और मधुपुर की जनता से मैं अपील करता हूं कि आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को बनाए रखें।”

इरफ़ान अंसारी ने आगे लिखा, “हमारे हिंदू–मुस्लिम भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं। लालगढ़ के बीचों-बीच हमारे लोगों ने ज़मीन देकर अपने भाइयों को बसाया है और दिलों में जगह दी है। यदि कोई आपसी विषय है, तो हम आपस में बैठकर उसे सुलझा लेंगे। किसी भी कीमत पर भाजपा को वहां घुसकर माहौल बिगाड़ने का अवसर न दें। उनका काम भड़काना है, बसाना नहीं। मैं जिला प्रशासन से मांग करता हूं कि बाहरी तत्वों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाए, आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान देने वालों की पहचान की जाए, तथा दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि किसी भी कीमत पर मधुपुर का सौहार्द और शांत माहौल बिगड़ने नहीं दूंगा। भाजपा खुद को कमेटी बनाने में एक्सपर्ट है। यदि कमेटी बनाने का इतना ही शौक है, तो मणिपुर भेजें। मधुपुर की जनता यह कभी बर्दाश्त नहीं करेगी कि कोई बाहरी व्यक्ति आकर यहाँ के शांत वातावरण और सामाजिक समरसता में हस्तक्षेप करे। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च—सभी धर्मों का अपना मौलिक अधिकार है। इस पर किसी भी प्रकार का आघात या हस्तक्षेप कदापि स्वीकार्य नहीं है।”

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