तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार (18 अक्टूबर, 2022) को विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत की परिस्थियों की जांच करने वाले पैनल की रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में जयललिता की करीबी वीके शशिकला और पूर्व सीएम के निजी डॉक्टर समेत अन्य लोगों पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने अपनी समापन टिप्पणी में कहा कि शशिकला को अपनी गलती माननी होगी और इस संबंध में जांच का आदेश दिया जाना चाहिए। पैनल में शामिल पूर्व न्यायाधीश ए अरुमुगासामी ने एक लंबी रिपोर्ट पेश की है। पैनल ने अगस्त में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को यह रिपोर्ट सौंपी थी।
- मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ए अरुमुगासामी की अध्यक्षता में जांच कर रहे पैनल ने यह रिपोर्ट पेश की है। इसमें जयललिता के शीर्ष नौकरशाह मुख्य सचिव डॉ राम मोहन राव को आपराधिक कार्यों का दोषी पाया गया है।
- इसके अलावा, इसमें तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विजया भास्कर की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं और अपोलो के अध्यक्ष डॉ प्रताप रेड्डी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने जयललिता की तबियत को लेकर गलत बयान दिया था।
- रिपोर्ट में कहा गया कि अस्पताल की तरफ से जयललिता की मौत का समय 5 दिसंबर, 2016 को रात 11.30 बजे बताया गया, जबकि साक्ष्यों के अनुसार, मौत का समय 4 दिसंबर, 2016 को रात 3 से 3.50 बजे के बीच थी।
- पिछले साल, अपोलो ने पूर्व न्यायाधीश पर पक्षपाती और चिकित्सा मुद्दों को संभालने में सक्षम नहीं बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से उसे जांच से बाहर रखने का अनुरोध किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक मेडिकल बोर्ड का गठन होने तक आयोग पर जांच के लिए रोक लगा दी थी।
- जयललिता की सबसे करीबी सहयोगी वीके शशिकला दशकों तक उनके साथ रही थीं।
- जयललिता की मौत के बाद शशिकला को साल 2017 में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जयललिता मुख्य आरोपी थीं।
- शशिकला को चार साल बाद कर्नाटक की जेल से रिहा कर किया गया। जेल से बाहर आने के बाद वह अन्नाद्रमुक की कमान संभालने की कोशिश में थीं। हालांकि वो इसमें कामयाब नहीं हो सकीं।
- पैनल ने जिन लोगों की गवाही पर रिपोर्ट तैयार की है, उनमें अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ओ पनीरसेल्वम, जयललिता की भतीजी दीपा और भतीजे दीपक शामिल हैं, जिन्होंने कहा कि पूर्व सीएम की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। वहीं, शशिकला ने लिखित में अपना बयान दिया थी।
- अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल्ली के एम्स में विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदान किए गए उपचार पर गवाही दी है। एम्स के डॉक्टरों को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की समीक्षा करने के लिए कहा था।
- जयललिता तमिलनाडु की सबसे शक्तिशाली राजनेताओं में से थीं। उन्होंने चार बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया। उन्हें प्यार से लोग “अम्मा” कहकर बुलाते थे।
